आधी रात महिला के घर में घुसकर तांडव किया था पुलिस ने, पिछड़ा वर्ग आयोग का सख्त रुख
आगरा। आगरा कमिश्नरेट पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। न्यू आगरा थाने की दयालबाग चौकी के प्रभारी जागेश्वर सिंह ने बिना किसी मुकदमा या वारंट के आधी रात एक महिला के घर जबरन घुसकर न केवल अभद्रता की थी बल्कि घर का सारा सामान भी उलट पलट दिया था। पीड़ित महिला निशा की की शिकायत पर उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने आगरा के पुलिस आयुक्त से संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के संबंध में आख्या तलब की है। आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो आयोग पुलिस आयुक्त के खिलाफ आगामी विधिक कार्यवाही करेगा।
-दयालबाग चौकी प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है पीड़िता ने
पीड़िता निशा के अनुसार विगत 23 से 24 जून की दरमियानी रात करीब 1 बजे चौकी प्रभारी समेत 10-12 पुलिसकर्मी उनके घर के दरवाजे को जोर-जोर से पीटने लगे और जबरन अंदर घुस गए। बिना किसी वारंट के घर की तलाशी लेने लगे। महिला ने विरोध किया तो पुलिस ने धमकाया और अभद्र व्यवहार किया। अगले दिन भी धमकाने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों को भेजा गया। महिला ने कोर्ट के माध्यम से जांच कराई तो पुलिस द्वारा कोर्ट को आख्या भेजी गई कि उसके खिलाफ न तो कोई मुकदमा दर्ज था और न कोई वारंट था।
इसके बाद निशा ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में मामले की शिकायत की। अब आयोग ने पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर महिला की शिकायत पर दस दिन के अंदर आख्या भेजने को कहा है। आयोग ने कहा है कि चौकी प्रभारी दयालबाग जागेश्वर सिंह व अन्य पुलिसकर्मियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का वह अन्वेषण करना चाहता है। अगर आयोग के निर्देशों का समय अवधि के अंतर्गत अनुपालन नहीं किया गया तो आगामी उचित विधिक कार्रवाई होगी। आयोग के निर्देशों के उल्लंघन के लिए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 208, 210, 211, 213, 214 और 215 के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी।
इधर इस बारे में न्यू आगरा थाना प्रभारी राजीव त्यागी से जानकारी की गई कि क्या आयोग के आदेश पर दयालबाग चौकी प्रभारी खिलाफ कोई मुकदमा संबंधी कोई आदेश आया है तो तो उन्होंने बताया कि अभी तक थाने में ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। इधर विभाग में चर्चाएं हैं कि दरोगा जागेश्वर सिंह जब बुंदूकटरा चौकी पर चौकी प्रभारी थे, तब भी कोई बवाल खड़ा हो गया था, जिसके बाद डीसीपी सिटी ने उन्हें हटाया था।
ज्ञातव्य है कि सिकंदरा क्षेत्र में अधिवक्ता सुनील शर्मा के घर भी बिना वारंट पुलिस द्वारा दबिश दी गई थी। इसी दौरान उनकी मौत हो गई थी, जिसमें पुलिस पर गंभीर आरोप लगे थे। कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था।