शाहगंज धर्मांतरण केस में पुलिस पर सवाल, बजरंग दल बोला — एक हफ्ते में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन तय
आगरा। शाहगंज थाना क्षेत्र में उजागर हुए 80 परिवारों के धर्मांतरण मामले में पुलिस की सुस्त कार्रवाई को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने नाराजगी जताई है। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण की मास्टरमाइंड पास्टर कंचन मित्तल और अन्य सूत्रधारों पर कार्रवाई न होना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आगरा। शाहगंज थाना क्षेत्र में उजागर हुए 80 परिवारों के धर्मांतरण मामले में पुलिस की सुस्त कार्रवाई को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने नाराजगी जताई है। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण की मास्टरमाइंड पास्टर कंचन मित्तल और अन्य सूत्रधारों पर कार्रवाई न होना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
धर्मांतरण गैंग के मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी ने पूछताछ में खुलासा किया था कि पंजाब के अंबाला निवासी पास्टर कंचन मित्तल इस पूरे रैकेट की मास्टरमाइंड है। आगरा पुलिस आरोपी राजकुमार को लेकर अंबाला गई थी, लेकिन कंचन मित्तल पुलिस पहुंचने से पहले ही फरार हो गई। इसके बावजूद अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को जेल भेजा, लेकिन सूत्रधार और प्रमुख आरोपी अब भी आज़ाद घूम रहे हैं।
शाहगंज थाना पुलिस पर उठे सवाल
धर्मांतरण मामले के वादी घनश्याम हेमलानी ने शाहगंज पुलिस की जांच पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल दिखावटी कार्रवाई कर रही है और मुख्य आरोपी कंचन मित्तल एवं उसके सहयोगियों पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। वादी ने बताया कि उन्होंने वीडियो साक्ष्य और डिजिटल प्रमाण पुलिस को सौंपे हैं, लेकिन फिर भी कार्रवाई ठप है।
बजरंग दल ने दी आंदोलन की चेतावनी
शाहगंज स्थित सत्तो लाला फूड कोर्ट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्व हिंदू परिषद–बजरंग दल के प्रांत संयोजक दिग्विजय नाथ तिवारी ने कहा कि धर्मांतरण के नाम पर भोले-भाले हिंदू परिवारों को लालच देकर बरगलाया जा रहा है। पुलिस केवल छोटे आरोपियों को पकड़कर बहवाही लूट रही है, जबकि बड़े सूत्रधारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह के अंदर धर्मांतरण के मास्टरमाइंड और सूत्रधारों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो बजरंग दल सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा। साथ ही उन्होंने एसटीएफ जैसी उच्च स्तरीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की।
कंचन मित्तल के ‘शांति महोत्सव’ पोस्टर ने बढ़ाया आक्रोश
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर में पास्टर कंचन मित्तल द्वारा 31 अक्टूबर को अंबाला में “शांति महोत्सव” आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। पोस्टर में “दुखियों और बीमारों की विशेष प्रार्थना सभा” और “नि:शुल्क भोजन” का उल्लेख है। बजरंग दल पदाधिकारियों का कहना है कि यह लोगों को लालच देकर धर्मांतरण के जाल में फँसाने की कोशिश है। पोस्टर वायरल होने के बाद संगठन के सदस्यों में भारी आक्रोश है।
आगरा की महिला आरोपी भी फरार
धर्मांतरण रैकेट में शामिल आगरा निवासी ज्योति नामक महिला अब तक गिरफ्त से बाहर है। घनश्याम हेमलानी ने बताया कि उसका मोबाइल फोन पुलिस के पास है, लेकिन अब तक ना गिरफ्तारी हुई, ना पूछताछ। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी।
इनकी रही मौजूदगी
इस दौरान प्रमुख रूप दिग्विजय नाथ तिवारी (प्रांत संयोजक, बजरंग दल), सुनील करमचंदानी, घनश्याम हेमलानी, पंडित रतन गौतम, दिलीप सिंह तोमर, मस्तु, अरुण पाराशर, डॉन, राकेश चाहर, रोबिन सिंह तोमर, किशोर तेजनानी, राजा केसवानी, मनीष लालचंदानी, अनूप भोजवानी, रिंकू पाराशर, रवि त्रिलोकानी, शिवम शिवहरे और गुड्डू रावत आदि मौजूद रहे। इन सभी ने धर्मांतरण प्रकरण के पर्दाफाश में सक्रिय भूमिका निभाई थी।