लावारिस मिली दो माह की बच्ची को पुलिस ने परिजनों से मिलाया, समय पर कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
आगरा। शनिवार को शाहदरा क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जब शाहदरा स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल के पास सर्विस रोड पर करीब दो माह की एक मासूम बच्ची को कोई अज्ञात व्यक्ति छोड़कर चला गया। ठंड के मौसम में सड़क किनारे लावारिस पड़ी बच्ची को देखकर राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
आगरा। शनिवार को शाहदरा क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जब शाहदरा स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल के पास सर्विस रोड पर करीब दो माह की एक मासूम बच्ची को कोई अज्ञात व्यक्ति छोड़कर चला गया। ठंड के मौसम में सड़क किनारे लावारिस पड़ी बच्ची को देखकर राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही शाहदरा चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक नीरज कटारिया और अरविंद कुमार बिना देरी किए मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने सबसे पहले बच्ची को सुरक्षित उठाकर उसकी स्थिति का जायजा लिया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। मासूम पूरी तरह सुरक्षित थी, लेकिन इस स्थिति ने सभी को भावुक कर दिया।
पुलिस की त्वरित और संवेदनशील जांच के दौरान यह सामने आया कि बच्ची पास में ही रहने वाले कपिल पुत्र गोपाल सिंह की है। उस समय कपिल अपने काम पर गया हुआ था। पूछताछ में यह भी स्पष्ट हुआ कि किसी गलतफहमी या असावधानी के चलते बच्ची कुछ समय के लिए अकेली रह गई थी, जिसे बाद में कोई व्यक्ति सर्विस रोड पर छोड़कर चला गया।
बच्ची की पहचान सुनिश्चित होने के बाद पुलिस ने पूरे मानवीय दृष्टिकोण के साथ बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की। मौके पर मौजूद बच्ची की बुआ सोना को आवश्यक सत्यापन के बाद बच्ची सौंप दी गई। बच्ची को सकुशल गोद में लेते ही परिवार के लोगों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने पुलिस का आभार जताया।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की। समय रहते पुलिस की सक्रियता से एक मासूम की जान सुरक्षित रही और परिवार को बड़ा दुख झेलने से बचा लिया गया। यह घटना न केवल समाज को सजग रहने का संदेश देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पुलिस जब मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करती है, तो भरोसा और सुरक्षा दोनों मजबूत होते हैं।