साइबर ठगों पर भारी पड़ी पुलिस की सतर्कता, पीड़ित को मिली पूरी रकम की राहत
आगरा। साइबर ठगों के नए-नए हथकंडे लगातार आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला आगरा से सामने आया है, जहां जालसाजों ने एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर लिया और खुद को बैंककर्मी बताकर एसबीआई खाते से ₹75,322 की ठगी कर ली। हालांकि, पीड़ित की सतर्कता और आगरा साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से पूरी रकम सुरक्षित रूप से वापस मिल गई।
एपीके लिंक बना ठगी का हथियार, आगरा में मोबाइल हैक कर उड़ाए थे ₹75 हजार
आगरा। साइबर ठगों के नए-नए हथकंडे लगातार आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला आगरा से सामने आया है, जहां जालसाजों ने एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर लिया और खुद को बैंककर्मी बताकर एसबीआई खाते से ₹75,322 की ठगी कर ली। हालांकि, पीड़ित की सतर्कता और आगरा साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से पूरी रकम सुरक्षित रूप से वापस मिल गई।
पीड़ित राम मूर्ति कुशवाहा के मोबाइल पर ठगों ने एक एपीके फाइल भेजी, जिसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद जालसाजों ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए खाते से कई ट्रांजैक्शन कर ₹75,322 की राशि निकाल ली। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने बिना देरी किए साइबर सेल आगरा में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही आगरा साइबर सेल ने तेज और प्रभावी कार्रवाई करते हुए ठगी में इस्तेमाल किए गए संदिग्ध बैंक खातों और डिजिटल ऑर्डर को तत्काल फ्रीज कर दिया। साइबर टीम की सतर्कता और समन्वय से ठगों द्वारा निकाली गई पूरी रकम ₹75,322 पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक रिफंड करा दी गई।
पुलिस ने इस मामले को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताते हुए आम जनता से अपील की है कि अज्ञात लिंक, मैसेज या एपीके फाइल पर किसी भी स्थिति में क्लिक या इंस्टॉल न करें। बैंक या सरकारी संस्था कभी भी इस तरह की फाइल भेजकर जानकारी नहीं मांगती। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत सूचना साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर सेल को दें।