छह वर्ष से कम आयु के बच्चों का जनसंख्या संतुलन डगमगा रहा, हिंदू फ्रंट ने मांगा जनसंख्या नियंत्रण कानून
आगरा। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय हिंदू फ्रंट ने देश के सामने गहराते जनसंख्या असंतुलन के खतरे को लेकर सरकार को आगाह किया है। संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि देश में छह वर्ष से कम आयु के बच्चों में जनसंख्या का अनुपात एक वर्ग विशेष की ओर झुकता जा रहा है, जो भविष्य में गंभीर असंतुलन और एक और विभाजन का कारण बन सकता है।
फ्रंट का स्पष्ट कहना है कि भारत एक बार पहले भी धार्मिक आधार पर विभाजन का दंश झेल चुका है, और अब वैसी ही परिस्थितियां फिर से पनप रही हैं। इसे समय रहते नहीं रोका गया तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं।
फ्रंट द्वारा बीते कल विश्व जनसंख्या दिवस पर आगरा में कलक्ट्रेट तक एक निकाले गए जुलूस के बाद पीएम के नाम जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में इस खतरे के प्रति आगाह किया गया है। जुलूस में शामिल कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे थे।
संगठन ने उठाई ठोस मांगें
राष्ट्रीय हिंदू फ्रंट द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में केंद्र सरकार से निम्नलिखित मांगें प्रमुख रूप से की गईं- तत्काल प्रभाव से जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू किया जाए। समान नागरिक संहिता को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। एनआरसी को राष्ट्रीय स्तर पर क्रियान्वित किया जाए। घुसपैठ और अवैध जनसंख्या में वृद्धि पर प्रभावी कानून बनाए जाएं।
सनातन समाज की युवा पीढ़ी में एक बच्चे की मानसिकता
फ्रंट ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि सनातन समाज की युवा पीढ़ी में ‘एक संतान’ तक सीमित रहने की मानसिकता हावी होती जा रही है, जबकि एक वर्ग विशेष में तेजी से अपनी जनसंख्या बढ़ाने की प्रवृत्ति आने वाले समय में देश की सामाजिक संरचना को बिगाड़ सकती है।
जुलूस का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष सुदामा सिंह छोंकर, महानगर अध्यक्ष चंद्र प्रकाश गुप्ता ने किया था। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी, राष्ट्रीय संयोजिका ममता सहगल, एडवोकेट संजू बाबा, प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट राघवेंद्र सिंह, प्रदेश सचिव अजय हिंदुस्तानी, भास्कर भूषण जैन, राजेश शर्मा, संदीप जैन आदि भी उपस्थित रहे।