दशलक्षण महापर्व में अकिंचन धर्म की साधना और बच्चों की शिक्षाप्रद प्रस्तुतियां

आगरा। शहर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत जैन समाज ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी आस्था और भक्ति का अनुपम प्रदर्शन किया। मंदिरों में प्रतिदिन अलग-अलग धर्मों की विशेष पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं की सहभागिता उत्साहपूर्ण रही।

Sep 5, 2025 - 22:06
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दशलक्षण महापर्व में अकिंचन धर्म की साधना और बच्चों की शिक्षाप्रद प्रस्तुतियां
दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत शुक्रवारा को आगरा के मोती कटरा जैन मंदिर और जयपुर हाउस जैन मंदिर में हुए आयोजनों की एक झलक।

मोती कटरा जैन मंदिर में अकिंचन धर्म मनाया

मोती कटरा स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में महापर्व का नौवां दिन शुक्रवार को उत्तम अकिंचन धर्म के रूप में मनाया गया। प्रातःकालीन अभिषेक और पूजन के साथ धार्मिक कार्यक्रम प्रारंभ हुए। श्रद्धालुओं ने अष्ट द्रव्यों से भगवान श्रीजी का पूजन किया और स्वाध्याय के माध्यम से अकिंचन धर्म की साधना की।
पंडित जी ने प्रवचन में कहा कि अकिंचन” का अर्थ है किसी भी वस्तु को अपना न मानना, मोह का त्याग करना और पूर्ण वैराग्य धारण करना। इस अवसर पर अनंत कुमार जैन, अरुण जैन, अजित जैन, सुनील जैन, जयंती जैन, गिरीशचंद जैन, जिनेन्द्र जैन, पीयूष जैन सहित समस्त मोती कटरा जैन समाज उपस्थित रहा और प्रभु की सामूहिक भक्ति में सहभागी बना।

जयपुर हाउस जैन मंदिर लघु नाटिकाओं का मंचन

जयपुर हाउस स्थित 1008 श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में महापर्व का आठवां दिन उत्तम त्याग धर्म को समर्पित रहा। इस अवसर पर 1 वर्ष से 15 वर्ष आयु वर्ग के 50 से अधिक बच्चों ने लघु नाटिकाओं और नृत्यों का मंचन किया। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मनोरंजक और शिक्षाप्रद संदेश प्रदान किया।
बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु मंजीत, दीपक, मुकेश और राहुल जैन परिवार ने उन्हें पुरस्कृत कर सम्मानित किया।

SP_Singh AURGURU Editor