श्रद्धा, सम्मान और उत्सव का प्रतीक बना प्रिल्यूड स्कूल का शिक्षक सम्मान समारोह
आगरा। भारत की पावन गुरु-शिष्य परंपरा को नमन करते हुए प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में 9 सितम्बर 2025, मंगलवार को शिक्षक सम्मान समारोह 2025 का भव्य आयोजन किया गया। यह समारोह न केवल शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बना, बल्कि विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच अटूट संबंध का उत्सव भी रहा।
समारोह की शुरुआत विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता, प्रधानाचार्य अरविंद श्रीवास्तव, प्रमुख समन्वयिका श्रीमती रश्मि गांधी तथा सभी शिक्षकों के रेड कारपेट वेलकम से हुई। इसके बाद भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
विद्यार्थियों की भावनाओं का सम्मान
छात्रा पिआ सिंह ने शिक्षक दिवस पर अपने विचार रखे, जिससे पूरा वातावरण भावनाओं से सराबोर हो गया। प्रधानाचार्य अरविंद श्रीवास्तव ने सभी शिक्षकों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई और कहा कि छात्रों के जीवन में शिक्षक की भूमिका अतुलनीय एवं अनुपम होती है।
विशेष रूप से सम्मानित शिक्षक
विद्यालय की नींव से जुड़े और अपने अविस्मरणीय योगदान हेतु निम्न शिक्षकों को सम्मानित किया गया। ये हैं- श्रीमती बबिता रानी, श्रीमती अर्पणा सक्सेना, नरेंद्र सिंह कुशवाहा, श्रीमती सबीने बैजल।
सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान
शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु निम्नलिखित शिक्षकों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। ये हैं- श्रीमती विभा अरोड़ा, सुश्री पूर्णिमा सिंह, श्रीमती हेमलता अरेला, श्रीमती दिव्य प्रभा, डॉ. सुनीता शर्मा और सुश्री मोनिका सिंह।
पैंटोमाइम प्रतियोगिता भी हुई
कार्यक्रम में पैंटोमाइम प्रतियोगिता भी हुई। चार सदनों ने मूक अभिनय प्रतियोगिता में भाग लिया और अपनी कला से सभी को प्रभावित किया। इसके नतीजे इस प्रकार रहे-
फिनिक्स सदन : ऑपरेशन सिंदूर (प्रथम स्थान)।
पिगेसिस सदन : मानव सशक्तिकरण (द्वितीय स्थान)।
एंड्रोमेडा सदन : रामायण (तृतीय स्थान)।
ओरायन सदन : प्रत्येक विचार का महत्व (चतुर्थ स्थान)।
निर्णायक मंडल में मिस चंचल गुप्ता, मिस प्रेरणा रोहतगी और मिस आभा पार्या शामिल रहीं।
खेल, संस्कृति और उत्सव का रंग
छात्रों ने शिक्षकों के लिए मनोरंजक खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह का संचालन अदिता, अपार, अनिरुद्ध और सृष्टि ने किया। अंत में छात्र अंशुमन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
समापन सत्र में निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थी जब अपने जीवन में शिक्षकों व माता-पिता का आदर करते हैं तो सफलता अवश्य मिलती है। हमें जीवनपर्यंत इनका सम्मान करना चाहिए।