आवंला में रामनगर किला समेत कई स्थलों का टूरिस्ट सर्किट बनाने की तैयारी  

-आरके सिंह- बरेली। जिले  का  आंवला तहसील एरिया  पर्यटन के लिहाज से बहुत समृद्धशाली हो सकता है। इसी को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन  और  पर्यटन विभाग  यहां एक टूरिस्ट सर्किट  बनाने के  प्रस्ताव पर विचार  कर रहा है।  टूरिस्ट सर्किट  का प्रस्ताव  पर्यटन मंत्री के पास जल्द भेजा जा सकता है।

Jan 2, 2025 - 12:26
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आवंला में रामनगर किला समेत कई स्थलों का टूरिस्ट सर्किट बनाने की तैयारी   
आंवला तहसील का रामनगर किला। दूसरे चित्र में मनोना धाम।

बता दें कि यह क्षेत्र प्रदेश सरकार के मंत्री धर्म पाल सिंह का निर्वाचन क्षेत्र भी है। आंवला तहसील  क्षेत्र मे एतिहासिक महत्व की कई जगहें हैं। यह भगवान पार्श्वनाथ की तपस्थली रहा  है। आंवला का रामनगर किला क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय ख्याति की जगह है। दक्षिण भारतीय और आधुनिक शैली में बना श्री अहिछत्र पार्श्वनाथ जैन मन्दिर भी दर्शनीय है।   

बरेली के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार कहते हैं, आंवला तहसील क्षेत्र  पर्यटन  की दृष्टि से समृद्धशाली है। हजारों पर्यटक  देश विदेश से  यहाँ आते हैं।  पर्यटकों को आकर्षित करने  के लिए  बहुत कुछ करने की आवश्यकता है।   टूरिस्ट  सर्किट  भी बनाया जा सकता है।  इस पर अध्ययन कर प्रोजेक्ट तैयार कराया जा रहा है।  

महाभारत काल से है आंवला का संबंध

महाभारत काल में बरेली का आंवला क्षेत्र पांचाल राज्य का हिस्सा रहा। बौद्ध और जैन संस्कृतियों के संगम नक्षत्र का महत्व सभी के लिए समान है। जैन धर्मावलंबियों के लिए अहिक्षत्र का विशेष महत्व है। राम नगर  किले के अवशेष भी आकर्षण का केंद्र हैं। आज यह किला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग  के संरक्षण में है।  

यहां की लीलोर झील का ऐतिहासिक महत्व है।  परगना सिरौली का ग्राम गुरुगांव बहुत बड़ा गांव था। ऐसी जनश्रुति है कि यह गुरु द्रोणाचार्य ने बसाया था। लीलौर को भी महाभारत से जोड़ा जाता है। यहां की झील प्राचीन है। इसकी चौड़ाई 2940 तथा गहराई 10 फीट है। लीलौर झील में प्रवासी पक्षी आते हैं।  बरेली के पूर्व जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने  लीलौर झील पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए  प्रोजेक्ट तैयार कराया था।  इस प्रोजेक्ट में पर्यटकों के ठहरने के लिए हट, हैलीपैड, रेस्टोरेंट  का प्रस्ताव बनाया गया था, जो अभी भी फाइलों में है।    

मनौना  ग्राम भी पुराना गांव है। कहा जाता है कि यहाँ पर अनेक मुनियों की मढ़ियां थीं। ककइया ईंट की बनी एक मढ़ी अब भी मौजूद है। इन मुनियों से अपभ्रंश होकर यह ग्राम मनौना कहलाया। मनौना इस समय खाटू श्याम धाम का आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है। प्रतिदिन यहॉं 25 से तीस हजार श्रद्धालु महंत ओमेंद्र जी से आशीर्वाद लेने आते हैं।   यहां आने वालों में 90 प्रतिशत  श्रद्धालु श्याम जल लेने आते हैं। श्रद्धालुओं  को आस्था है  कि श्याम जल  पीने और महंत ओमेंद्र जी के  आशीर्वाद से जटिल रोग ठीक हो जाते हैं। 

पर्यटन अधिकारी मनीष सिंह बताते हैं कि पर्यटन  की दृष्टि मनौना धाम बहुत उपयोगी है।  हैलीपैड  तैयार है।  पर्यटन विभाग के मानकों के अनुसार मनौना धाम, जैन मंदिर, लीलोर झील को पर्यटन  की दृष्टि  से  विकसित किया जा सकता है। जैन मंदिर और गुलड़िया गौरीशंकर मंदिर का प्रस्ताव शासन को गया हुआ है।    सूत्र बताते  हैं कि  मंत्री धर्म पाल सिंह के सहयोग से  मनौना धाम,जैन मंदिर, लीलोर झील, अहिच्छत्र और रामनगर किला  को टूरिस्ट  सर्किट   बनाने का प्रस्ताव शीघ्र पर्यटन मंत्री  जयवीर सिंह के समक्ष रखा जायेगा।  

आंवला ऐसी जगह है, जहां सड़क के अलावा रेलमार्ग से यहां के टूरिस्ट  सर्किट तक  पहुंचा  जा सकता है। लखनऊ और दिल्ली की कुछ ट्रेनों का ठहराव आंवला रेलवे स्टेशन पर भी है इसके साथ ही लखनऊ और दिल्ली से बरेली के लिए तमाम ट्रेनें हैं। बरेली आकर सड़क मार्ग से आंवला पहुंचा जा सकता है। बरेली एनएच 24 पर स्थित है। आगरा की तरफ से आने वाले पर्यटक बदायूं होते हुए आंवला पहुंचते हैं।

SP_Singh AURGURU Editor