आगरा में खनन माफिया की कमर तोड़ने की तैयारी, सीपी और डीएम की साझा रणनीति, टास्क फोर्स गठित
आगरा जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग जैसी गतिविधियों पर सख्त रोक लगाने के लिए पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने साझा रणनीति तैयार की है। दोनों अधिकारियों की संयुक्त बैठक के बाद जिला स्तरीय जॉइंट टास्क फोर्स गठित की गई है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों और मुख्य मार्गों पर लगातार अभियान चला रही है। संयुक्त कार्रवाई से खनन माफिया में हड़कंप मचा हुआ है और जिले में बिना परमिट व ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसा जा रहा है।


पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी द्वारा गठित संयुक्त टास्क फोर्स जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में ड्यूटी पर मुस्तैद।
आगरा। जिले में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना अनुमति खनिज परिवहन की गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए शनिवार को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने संयुक्त मंथन किया। इस बैठक में जिले के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व अधिकारी, खनन विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले में अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए अब थाना स्तर तक जॉइंट टास्क फोर्स बनाई जाएगी। अब तक तहसील स्तर पर टास्क फोर्स थीं। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि जिले में इस समय किसी प्रकार का वैध खनन पट्टा नहीं है। केवल सिकंदरा क्षेत्र में एक बालू खनन पट्टा अनुमोदित है। इसके बावजूद विभिन्न इलाकों में अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। अब थाना स्तर पर भी टीमें गठित की जा रही हैं, जिनमें पुलिस, राजस्व, खनन और परिवहन विभाग (एआरटीओ) के अधिकारी शामिल होंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी वाहन बिना वैध इंटर स्टेट परमिट के आगरा सीमा में प्रवेश नहीं करेगा। यदि कोई वाहन बिना अनुमति प्रवेश करता है या ओवरलोड पाया जाता है, तो तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मार्गों और बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की भी तैयारी है, जहां से खनन या ओवरलोड गाड़ियां अधिकतर गुजरती हैं।
इसी क्रम में संयुक्त टीमों ने शनिवार को आगरा क्षेत्र के विभिन्न बॉर्डरों पर चेकिंग अभियान चलाया। राजस्थान और मध्य प्रदेश से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध वाहनों की जांच की गई।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान अनवरत जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक और पुलिस टीमों की संयुक्त कार्यवाही से खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
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