रिहावली बांध की कार्ययोजना बनाएं, कोट बांध की मरम्मत को राजस्थान से कहें- डॊ. मंजू भदौरिया

आगरा। जिला सिंचाई बंधु की बैठक में जिले के जल संसाधनों और बहुउपयोगी जल संरचनाओं के संरक्षण को लेकर अहम प्रस्तावों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहीं जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि फतेहाबाद विकासखंड के रेहावली गांव में उटंगन नदी पर बहुप्रतीक्षित बांध निर्माण की कार्ययोजना शीघ्र तैयार की जाए।

Jul 9, 2025 - 15:33
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रिहावली बांध की कार्ययोजना बनाएं, कोट बांध की मरम्मत को राजस्थान से कहें- डॊ. मंजू भदौरिया
सिंचाई बंधु की बैठक की अध्य़क्षता करतीं जिला पंचायत अध्यक्ष डॊ. मंजू भदौरिया। मौजूद हैं सिंचाई विभाग के अधिकारी और सिविल सोसाइटी के सदस्य।  

जिला पंचायत अध्यक्ष ने सिंचाई अधिकारियों से कहा कि इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जा चुका है और पूर्व में अलीगढ़ अनुसंधान एवं नियोजन खंड द्वारा लोअर आगरा कैनाल खंड के साथ संयुक्त सर्वेक्षण भी किया जा चुका है।

डॉ. भदौरिया ने राजस्थान के धौलपुर जनपद स्थित कोट बांध के सैल्यूस गेट की मरम्मत के लिए तत्काल राजस्थान सरकार से संपर्क करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यह गेट खराब होने के कारण जल निकासी अव्यवस्थित है और अधिक पानी व्यर्थ बहकर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न कर सकता है।

रेहावली बांध: जल संरक्षण की बहुआयामी योजना

सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधियों ने बैठक में रेहावली बांध योजना को जनपद की सबसे महत्वपूर्ण जल संरक्षण परियोजना करार देते हुए इसे जल्द शासन को प्रस्तावित करने की अपील की। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बांध भूजल रिचार्ज, जल संचय और नदी पुनर्जीवन जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को पूरा कर सकता है।

सिविल सोसाइटी का कहना है कि जब यमुना नदी लो फ्लड लेवल पर होती है तो उटंगन नदी में बैकफ्लो से पानी आने लगता है। साथ ही, खारी, पार्वती, डब्लूडी ड्रेन और जगनेर की बंधियों से आने वाला डिस्चार्ज एक बड़े वाटरशेड में तब्दील होता है, जिसे यह बांध रोक सकेगा और आवश्यकता अनुसार कृषि व तीर्थ उपयोग में लाया जा सकेगा। बटेश्वर जैसे धार्मिक स्थलों पर नहान पर्वों पर यमुना में फ्रेश वाटर डिस्चार्ज की व्यवस्था भी संभव हो सकेगी।

कोट बांध की मरम्मत और ड्रोन मैपिंग का सुझाव

सिविल सोसाइटी ने जगनेर की 34 जल संरचनाओं की ड्रोन मैपिंग और कोट बांध के सैल्यूस गेट सिस्टम को पुनर्जीवित करने की सिफारिश भी की। उनका कहना है कि धौलपुर के सरमथुरा क्षेत्र से पोषित कोट बांध का पानी सीपेज के कारण व्यर्थ जा रहा है, जिससे जल संचयन की क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है।

रहन कलां रैनीवैल योजना पर पुनर्विचार की मांग

बैठक में रहन कलां गांव में पांच रेनीवैल निर्माण की प्रस्तावित योजना पर भी चिंता जताई गई। सिविल सोसायटी का कहना है कि यह योजना खंदौली, एत्मादपुर और बरौली अहीर जैसे जल संकटग्रस्त क्षेत्रों के लिए घातक हो सकती है, क्योंकि ये क्षेत्र पहले ही अतिदोहित और संरक्षित एक्विफर सिस्टम से जूझ रहे हैं। इस योजना से जलभृत तंत्र को और क्षति पहुंच सकती है।

सिविल सोसायटी ने मांग की कि जिला योजना समिति की बैठक तत्काल बुलाई जाए ताकि इन सभी जल आधारित परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण और नीति स्तर पर आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।

SP_Singh AURGURU Editor