प्रो. आशु रानी को मिला पुनः भरोसा, डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि की कुलपति बनी रहेंगी तीन साल और

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी को पुनः तीन वर्षों के लिए कुलपति नियुक्त किया गया है। अपर मुख्य सचिव, राज्यपाल कार्यालय से आदेश जारी होने के बाद यह निर्णय आधिकारिक हो गया।

Sep 30, 2025 - 18:12
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प्रो. आशु रानी को मिला पुनः भरोसा, डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि की कुलपति बनी रहेंगी तीन साल और
प्रो, आशु रानी

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी को पुनः तीन वर्षों के लिए कुलपति नियुक्त किया गया है। अपर मुख्य सचिव, राज्यपाल कार्यालय से आदेश जारी होने के बाद यह निर्णय आधिकारिक हो गया।

कार्यकाल समाप्ति और पुनर्नियुक्ति

30 सितंबर 2022 को प्रो. आशु रानी ने विश्वविद्यालय की कुलपति के रूप में कार्यभार संभाला था। उनका कार्यकाल आज, 30 सितंबर 2025 को समाप्त हो रहा था। इस बार भी उन्होंने नए कार्यकाल के लिए आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया में पाँच नामों पर विचार किया गया और अंततः प्रो. आशु रानी को पुनः चुना गया।

चयन प्रक्रिया और उम्मीदें

राज्यपाल कार्यालय में हाल ही में हुए साक्षात्कार के बाद ही यह लगभग तय माना जा रहा था कि प्रो. आशु रानी को ही दोबारा मौका मिलेगा। विश्वविद्यालय परिसर में दिनभर आदेश का इंतजार रहा और जैसे ही निर्णय सामने आया, शिक्षकों और विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई।

उपलब्धियां  और सफलता 

प्रो. आशु रानी के कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं:

NAAC में A+ ग्रेड – विश्वविद्यालय को पहली बार उच्चतम स्तर का ग्रेड प्राप्त हुआ, जिसने उसकी शैक्षणिक गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

NIRF रैंकिंग में सुधार – 2025 की राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग (NIRF) में विश्वविद्यालय को टॉप-100 में जगह मिली, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

ग्रीन मोबिलिटी पहल – प्रो. आशु रानी ने पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी और विश्वविद्यालय को ‘ग्रीन कैंपस’ की दिशा में अग्रसर किया।

सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विस्तार – विवि ने कई सामाजिक अभियानों और छात्र-केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा दिया।

अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा – नई प्रयोगशालाओं की स्थापना, शोध परियोजनाओं को प्रोत्साहन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।

भविष्य की योजनाएं 

प्रो. आशु रानी ने संकेत दिया है कि आने वाले तीन वर्षों में वह विश्वविद्यालय को शोध और नवाचार का हब बनाने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी।