धर्मांतरण के खिलाफ पंजाबी समाज एकजुट, बेटियों की सुरक्षा को लेकर बुलाई अहम बैठक

आगरा। धर्मांतरण के बढ़ते मामलों और पंजाबी समाज की दो बेटियों को लालच और दबाव के माध्यम से जबरन धर्म परिवर्तन कराने समेत इसी तरह की कुछ अन्य घटनाओं के बाद शहर का पंजाबी, सिख, खत्री, बहावलपुरी एवं मुल्तानी समाज एकजुट हो गया है। पूरे घटनाक्रम को लेकर आगामी 27 जुलाई को पंजाबी विरासत परिवार  के बैनर तले पांच समुदायों की बड़ी बैठक होने जा रही है। यह बैठक समाज की अस्मिता, बेटियों की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के लिए अहम कदम उठाने जा रही है।

Jul 22, 2025 - 20:10
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धर्मांतरण के खिलाफ पंजाबी समाज एकजुट, बेटियों की सुरक्षा को लेकर बुलाई अहम बैठक

-पंजाब भवन, आगरा कैंट में 27 जुलाई को होगी निर्णायक चर्चा, समाज में उबाल, दो बहनों को मुक्त कराने के लिए आगरा पुलिस की सराहना

27 जुलाई को बड़ी बैठक, समाज की जागरूकता पर रहेगा फोकस

रविवार, 27 जुलाई को शाम 4 बजे, पंजाब भवन (ग्रैंड होटल के पास), आगरा कैंट में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक पंजाबी विरासत परिवार के अध्यक्ष पूरन डावर की अध्यक्षता और संत बाबा प्रीतम सिंह की सरपरस्ती में संपन्न होगी।
इस बैठक का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, बेटियों की सुरक्षा हेतु सामाजिक दृष्टिकोण से ठोस पहल करना और ऐसे मामलों के विरुद्ध संयुक्त स्वर खड़ा करना है। इस बैठक में पूरे शहर और आस-पास के क्षेत्रों के समाजजनों के जुटने की संभावना है। इसमें महिलाओं को खास तौर पर बुलाया गया है ताकि उन्हें बताया जा सके कि एक मां के रूप में कैसे उन्हें अपने बच्चों की हिफाजत करनी है।

पंजाबी विरासत के महामंत्री बंटी ग्रोवर ने बताया कि यह बैठक आगरा की दो बेटियों के हालिया धर्मांतरण प्रकरण के संदर्भ में बुलाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठनों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से समाज की बेटियों को धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक दबाव डाला जा रहा है।

बंटी ग्रोवर ने बताया कि समाज में बढ़ती बेचैनी, बेटियों की सुरक्षा और धार्मिक-सांस्कृतिक अस्तित्व को लेकर गहरी चिंता है। ऐसे में समाज को एक दिशा, संगठन और निर्णायक कार्रवाई की ज़रूरत है।

प्रशासन की तत्परता की सराहना, पर स्थायी समाधान की मांग

पंजाबी विरासत परिवार के अध्यक्ष पूरन डावर, कार्यकारी अध्यक्ष अनिल वर्मा एडवोकेट और अन्य वरिष्ठजनों ने आज एक बैठक कर उन दो बेटियों को मुक्त कराने के लिए पुलिस प्रशासन की तत्परता की सराहना भी की है। बैठक में कहा गया कि पुलिस की सजगता से समाज में सकारात्मक संदेश गया है, लेकिन इस तरह की घटनाओं पर स्थायी रोक के लिए प्रशासन को निगरानी और सख्ती बढ़ानी होगी।

समाज के वरिष्ठजनों ने उठाई आवाज, बड़ी भागीदारी की अपील

पंजाबी विरासत के कार्यकारी अध्यक्ष अनिल वर्मा, कोषाध्यक्ष नवीन अरोरा, संरक्षक चरणजीत थापर, सुनील मनचंदा, चंद्र मोहन सचदेवा, अशोक अरोरा, वीर महेंद्र पाल सिंह, मनमोहन निरंकारी, रानी सिंह और श्री गुरु सिंह सभा माईथान के प्रधान सरदार कंवल दीप सिंह सहित कई वरिष्ठजनों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इन बैठकों में समय से पहुंचें और संगठित स्वर में निर्णय लें।

ठोस प्रस्तावों पर मुहर संभव

इन बैठकों में ऐसे ठोस और प्रभावशाली प्रस्ताव पारित होने की संभावना है, जो समाज की बेटियों को भविष्य में धर्मांतरण के जाल से सुरक्षित रखने में मदद करेंगे। एक सामूहिक मोर्चा और कानूनी विकल्पों की रूपरेखा भी बनाई जा सकती है।

SP_Singh AURGURU Editor