पंजाबी शेर था, शेर है और शेर ही रहेगा: पंजाबी सभा ने कहा- बेटियों की गरिमा पर हमला सहन नहीं
आगरा। धर्मांतरण से जुड़ी आगरा की दो बहनों के प्रकरण के बाद पंजाबी समाज की बेटियों को निशाना बनाते हुए अपमानजनक प्रचार पर पंजाबी सभा महानगर इकाई बहुत गुस्से में है। यह प्रचार कि पंजाबी समाज में लड़कियों का खुलापन भारी पड़ रहा है, पर पंजाबी समाज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
महानगर पंजाबी सभा के अध्यक्ष सर्व प्रकाश कपूर (शौकी भाई) ने कहा- पंजाबी शेर था, शेर है और शेर ही रहेगा। यह समाज कोई कमजोर कड़ी नहीं है, जो झूठे दुष्प्रचार से डर जाए। आजादी के बाद यह समाज खाली हाथ आया था, लेकिन अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर जो मुकाम पाया है, वहां से कोई इसे नीचे नहीं गिरा सकता।
सभा अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि क्या हमारी बेटियों को अब बुर्के में बंद कर दिया जाए? क्या उन्हें घर की चारदीवारी में कैद कर दें? हमारी बेटियां शिक्षित हैं, संस्कारिक हैं और अपने अच्छे-बुरे का निर्णय खुद ले सकती हैं। जो यह दुष्प्रचार कर रहे हैं कि धर्मांतरण पंजाबी समाज में हुए, उन्हें हम चुनौती देते हैं कि एक भी तथ्य प्रस्तुत करें।
पंजाबी सभा ने स्पष्ट कहा है कि अगर किसी बेटी ने राह भटक भी ली, तो पंजाबी समाज ने उसे ढूंढा, समझाया और उसे फिर से सम्मानजनक जीवन की राह पर लाए।
उन्होंने कहा, हमने सिर्फ अपनी नहीं, दूसरों की बेटियों को भी बरामद करवाया है। जिन्होंने सिर्फ फोटो खिंचवाने का काम किया, उनसे पूछो कि उन्होंने एक भी केस हल किया हो तो बताएं। छपास के शौकीन कुछ लोग ही इस तरह की बातें कर रहे हैं कि पंजाबी समाज बहुत विचलित है।
पंजाबी सभा के अध्यक्ष सर्व प्रकाश कपूर, कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कपूर, सचिव भारत भूषण, सुरेश भांबरी और अन्य पदाधिकारियों ने कहा, हमारा समाज किसी के सामने झुकने वाला नहीं है। जिस किसी ने पंजाबी समाज की ओर गलत नजर से देखा, उसकी आंख निकाल दी जाएगी। यह सिर्फ चेतावनी नहीं, समाज की भावना है।
पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि बहुत जल्द इस दुष्प्रचार का तथ्यात्मक जवाब दिया जाएगा और जनता को समाजहित के प्रमुख बिंदुओं से अवगत कराया जाएगा।
पंजाबी सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि पंजाबी समाज में कोई भी बेटी अकेली नहीं है। हम सब उसके साथ हैं। इस सरकार में वैसे भी किसी की हिम्मत नहीं कि वह किसी महिला को परेशान कर सके। पंजाबी सभा महानगर जिंदा है, और हमेशा जिंदा रहेगी।”
सभा ने समाज के सभी सम्मानित सदस्यों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों के विरुद्ध दुष्प्रचार के मुद्दे पर एकजुट रहें और इस अपमान के विरुद्ध आवाज उठाएं।