युद्ध के बीच बदला पुतिन का रुख, ईरान से रणनीतिक गठबंधन और यूक्रेन से शांति वार्ता के संकेत

मॉस्को। यूक्रेन से जारी युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का रुख पहली बार थोड़ा नरम होता नजर आया है। उन्होंने सोमवार को ईरान के साथ एक अहम रणनीतिक साझेदारी समझौते को मंजूरी दे दी। यह समझौता जनवरी में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मॉस्को यात्रा के दौरान तैयार हुआ था, जिसे रूस की संसद पहले ही मंजूरी दे चुकी थी।

Apr 22, 2025 - 09:25
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युद्ध के बीच बदला पुतिन का रुख, ईरान से रणनीतिक गठबंधन और यूक्रेन से शांति वार्ता के संकेत

समझौते में राष्ट्रीय सुरक्षा, शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के खिलाफ सहयोग जैसी बातें शामिल हैं। हालांकि, इसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि यदि किसी तीसरे देश से हमला होता है तो दोनों देश मिलकर जवाब देंगे। इसके बावजूद इसे दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।

इस बीच, पुतिन ने शनिवार को 30 घंटे का ईस्टर युद्धविराम घोषित किया था, लेकिन रविवार को फिर से जंग शुरू हो गई। रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर सीज़फायर तोड़ने का आरोप लगाया है। यूक्रेन का दावा है कि रविवार को रूस ने 3,000 से ज्यादा बार सीज़फायर तोड़ा। इसके विपरीत रूस ने दावा किया कि यूक्रेन ने 900 ड्रोन हमले किए और 400 बार गोलाबारी की, जिससे आम नागरिक मारे गए।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने शुरुआत से ही इस युद्धविराम को नाटक करार दिया था। उन्होंने कहा कि अगर रूस वाकई युद्धविराम चाहता है तो यूक्रेन भी शांत रहेगा, लेकिन हमला हुआ तो जवाब जरूर दिया जाएगा। ज़ेलेंस्की ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर बिना शर्त शांति वार्ता की पेशकश भी की है। उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से इस मुद्दे पर सकारात्मक बातचीत की।

क्रेमलिन के प्रवक्ता ने भी पहली बार कहा कि पुतिन आम नागरिकों के क्षेत्रों पर हमला न करने को लेकर यूक्रेन से बातचीत को तैयार हैं। इसे रूस की रणनीति में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई हल नहीं निकला, तो वह वार्ता से हट सकता है। हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उम्मीद है कि इस हफ्ते कोई समझौता हो सकता है।

रूस अब भी चाहता है कि यूक्रेन उन इलाकों को छोड़ दे जिन पर रूस ने कब्जा कर लिया है और यूक्रेन हमेशा के लिए तटस्थ (नॉन-अलायड) देश बन जाए। लेकिन यूक्रेन इसे सीधा आत्मसमर्पण मान रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor