नए लुक में क्वीन मैरी लाइब्रेरीः राज्यपाल ने लोकार्पण के बाद 300 वर्ष पुरानी पुस्तकें देखीं
आगरा। आगरा कैंट एरिया स्थित 125 वर्षों से अधिक पुरानी ऐतिहासिक क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी के पुनर्विकसित भवन का लोकार्पण बुधवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया। उन्होंने 300 वर्ष पुरानी दुर्लभ पुस्तकों का अवलोकन कर इस ऐतिहासिक धरोहर को ज्ञान, शोध और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र बताया।
राज्यपाल ने युवाओं को पुस्तक संस्कृति से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे पुस्तकालय न केवल अतीत से संवाद कराते हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की बौद्धिक नींव भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने पुस्तकालय को ‘विरासत, विद्या और वैचारिक विकास का संगम’ बताया।
पुस्तकालय का संचालन छावनी परिषद के निवर्तमान उपाध्यक्ष डॉ. पंकज महेन्द्रू एवं सदस्य डॉ. रेनू महेन्द्रू के नेतृत्व में महेन्द्रू परिवार कर रहा है। राज्यपाल के आगमन पर डॉ. पंकज महेन्द्रू, डॉ. रेनू महेन्द्रू, अरुण महेन्द्रू, रेखा महेन्द्रू, डॉ. करन महेन्द्रू, डॉ. आकृति महेन्द्रू, डॉ. शिव महेन्द्रू और डॉ. सांची महेन्द्रू ने पुष्पगुच्छ व बच्चों की पुस्तकें भेंट कर स्वागत किया।
राज्यपाल ने शिलापट्टिका का अनावरण कर पुस्तकालय का उद्घाटन किया और परिसर का भ्रमण करते हुए 1700 ईस्वी की दुर्लभ पुस्तकों का अवलोकन किया। उन्होंने पुस्तकालय को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए इसके स्वरूप की सराहना की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य और योगेन्द्र उपाध्याय मौजूद रहे। मंत्री बेबी रानी मौर्य ने पुस्तकालय को बौद्धिक विकास का केंद्र बताया, वहीं मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने इसे शोध के लिए महत्वपूर्ण बताया।
डॉ. पंकज महेन्द्रू ने कहा कि उनका सपना है कि यह पुस्तकालय शिक्षा और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बने और विदेशी पर्यटक यहां भारत की ज्ञान परंपरा को जानें।
कार्यक्रम में डॉ. बबीता चौहान (अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग), डॉ. मंजू भदौरिया (जिला पंचायत अध्यक्ष), विधायक छोटे लाल वर्मा व बाबूलाल चौधरी, समाजसेवी अभिनव मौर्य, मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह (आईएएस), नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल (आईएएस), स्मार्ट सिटी महाप्रबंधक अरुण कुमार, लाइब्रेरियन अवंतिका व अजय शर्मा और बृजेश शर्मा भी उपस्थित रहे।