दीपावली पर रजाईयां निकल आती थीं, अब एसी चलाने पड़ रहे

आगरा। सीनियर सिटीजंस और प्रौढ़ावस्था के लोगों  को याद होगा कि तीन दशक पहले तक दीपावली की रात सोते समय रजाई ओढ़ने लगते थे, लेकिन बीती रात दीपावली के मौके पर लोगों को रात में अच्छी नींद लेने के लिए एसी चलाने पड़े। वह भी एक हल्की सी चादर ओढ़ कर। नवंबर का महीना शुरू हो चुका है और एसी हाल फिलहाल बंद होते नहीं दिख रहे। नवंबर में इस बड़े तापमान से जलवायु में आए बदलाव को समझा जा सकता है।

Nov 1, 2024 - 15:54
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दीपावली पर रजाईयां निकल आती थीं, अब एसी चलाने पड़ रहे

-तीन दशक पहले नवंबर में 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ जाता था आगरा का तापमान, अब 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा 

बिजली की सुविधा मिलने के साथ शहरी लोग तो बहुत पहले से कमरों के अंदर सोने लगे थे, लेकिन गांव तक बिजली ढाई तीन दशक पहले ही पहुंच पाई। इससे पहले तक गांवों में यह व्यवस्था थी कि लोग दीपावली के मौके पर खुले या बरामदा की जगह सोने के लिए कमरों के अंदर चले जाया करते थे। तब  दीपावली पर इतनी अधिक सर्दी हो जाती थी कि खुले में या बरामदे में सो पाना संभव नहीं होता था।

गांवों में दीपावली पर लोग सोने के लिए कमरे के अंदर जाने के साथ ही अपनी रजाइयां भी निकाल लिया करते थे। इसके बाद होली पर ही लोग सोने के लिए कमरों से बाहर आते थे। होली के मौके पर भी लोग भले ही कमरे से बाहर आ जाते थे,  लेकिन तब भी दो-तीन सप्ताह तक बगैर रजाई के रात के समय सो पाना मुश्किल होता था। 

कुल मिलाकर दीपावली से होली तक का मौसम अच्छी खासी ठंड से भरा होता था। अब हालात यह है कि कल जो दीपावली की रात बीती, उसमें लोगों को रात में एसी चलाकर सोना पड़ा। शाम होते ही शुरू हुई आतिशबाजी से तो गर्मी और ज्यादा महसूस हों रही थी। नवंबर का महीना शुरू हो चुका है और दिन के समय की धूप में अभी इतनी चुभन है कि लोगों को बाहर निकलने में परेशानी होती है। रात और दिन का तापमान अभी भी 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है।

आगरा में 30 साल पहले  आम तौर पर, नवंबर के पहले सप्ताह में औसत तापमान लगभग 15 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच होता था, जो महीने के अंत में लगभग 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता था। तीन दशक में तापमान किस कदर बढ़ा है, इसे नवंबर के वर्तमान तापमान से समझा जा सकता है।

आगरा में सर्दी का मौसम पूरे चार महीने रहता था।  नवंबर से फरवरी तक लोगों को ठंड महसूस होती थी। यह अब अब दिसंबर और जनवरी तक सीमित होकर रह गई है।  नवंबर और फरवरी के महीने इतने गर्म रहने लगे हैं कि लोगों को रात में अच्छी नींद लेने के लिए एसी चलाने पड़ते हैं।

SP_Singh AURGURU Editor