राष्ट्रपति से मिले राहुल गांधी, बोले- राष्ट्रपति ने वोट चोरी के आरोपों से इनकार नहीं किया, मांगे इसके सबूत, गठबंधन ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की
राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी का बड़ा दावा- वोट चोरी के आरोपों पर राष्ट्रपति ने इनकार नहीं किया, सबूत मांगे हैं। इंडिया गठबंधन ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई, अब कथित वोट चोरी के सबूत सौंपने और आगे की रणनीति पर नजर है।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन ने शुक्रवार को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। पुराने संसद भवन के संविधान सदन स्थित सेंट्रल हॉल में बैठक के बाद विपक्षी सांसदों ने विजय चौक तक मार्च निकाला। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद विपक्षी सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठ गए। इस बीच, 10 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने राष्ट्रपति भवन पहुंचा। मुलाकात के बाद राहुल गांधी, ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी बात रखी। विपक्षी नेताओं ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं और कथित वोट चोरी से जुड़े सबूत मांगे हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि जब विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति के सामने वोट चोरी और चुनाव चोरी का मुद्दा उठाया, तो उन्होंने इसका इनकार नहीं किया। राहुल गांधी ने कहा, 'हिंदुस्तान की राष्ट्रपति ने ये नहीं कहा कि चुनाव चोरी नहीं हो रहे हैं, उन्होंने उलटा हमसे कहा कि आप सबूत हमारे पास लेकर आइए।'
राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्षी दलों ने कथित वोट चोरी से जुड़े जो सबूत जुटाए हैं, उन्हें राष्ट्रपति के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मामले में अपने सबूत देने के लिए तैयार है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि देश और छात्र जानते हैं कि वोट चोरी हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका आर्किटेक्ट और अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इसका कार्यान्वयनकर्ता बताया।
राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने इस आरोप से इनकार नहीं किया और कहा कि वह इस बारे में सोचेंगी तथा कार्रवाई करेंगी। उन्होंने राष्ट्रपति का दिल से धन्यवाद भी किया।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और उन्होंने उनकी बातों को नकारात्मक तरीके से नहीं लिया।
ममता बनर्जी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने कहा कि वह सभी विवरणों को देखेंगी और उन्हें सबूत चाहिए। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने भी सभी सबूत राष्ट्रपति को सौंपने की बात पर सहमति जताई है।
ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि देश इस मुद्दे को लेकर चिंतित है और संविधान के संरक्षक के तौर पर उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोकतंत्र बना रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का रवैया सकारात्मक था और उन्होंने मामले की जांच करने की बात कही।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर पिछले चार दिनों से वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बारे में जानकारी दी। उनके मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, ममता बनर्जी और गठबंधन के अन्य नेता शामिल थे। उन्होंने राष्ट्रपति के सामने चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी से जुड़ी अपनी चिंताएं रखीं।
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यालय से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने चुनाव में ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष से कथित वोट चोरी के सबूत मांगे हैं और गठबंधन के नेता सबूत तैयार कर उन्हें सौंपेंगे। खरगे के मुताबिक, विपक्ष सभी जानकारियां राष्ट्रपति को देगा और आगे की कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों से बातचीत कर मामले की छानबीन करेगा।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं की बातें ध्यान से सुनीं। उन्होंने कहा, 'हम संतुष्ट होकर आए हैं क्योंकि उन्होंने पहली बार अपनी आवाज हमारे साथ मिलाई है।' खरगे के मुताबिक, विपक्ष अब मामले से जुड़ी जानकारियां जुटाकर और संबंधित लोगों से बात करके आगे के कदम तय करेगा।
राहुल गांधी, ममता बनर्जी और खरगे के बयानों से साफ है कि विपक्ष राष्ट्रपति को कथित वोट चोरी के मुद्दे पर अपने आरोपों और सबूतों से अवगत कराना चाहता है। राष्ट्रपति की ओर से सभी विवरणों को देखने और सबूत मांगे जाने की बात इन नेताओं ने अपने-अपने बयानों में कही है।