वर्षा की वजह से ‘जाड़ता राजा’ का मंचन नहीं हो सका, शिवाजी की दृढ़ता और सेवा का संदेश
आगरा। शरद पूर्णिमा के दिन बरसात के बीच भी दिव्य प्रेम सेवा मिशन के ‘जाड़ता राजा महानाट्य’ का तीसरा दिन भक्तिभाव, राष्ट्रभक्ति और सेवा के उत्साह से सराबोर रहा। हालांकि बारिश के कारण आज महानाट्य का मंचन नहीं हो सका। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल प्रो. शिवप्रताप शुक्ल ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की दृढ़ता आज भी भारतीय आत्मा की प्रेरणा है और पराधीनता को अस्वीकार करना ही सच्ची सेवा और तपस्या है। मंच पर उपस्थित साधना श्रीजी माहेश्वरी, भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला और संस्थापक अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम ने भी सेवा, त्याग और दृढ़ता का संदेश दिया।
-छत्रपति शिवाजी महाराज की दृढ़ता से पराधीनता अस्वीकार करें, सेवा ही सच्ची तपस्या- राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल
कलाकृति कन्वेंशन सेंटर में वर्षा के कारण आज जाणता राजा का मंचन नहीं हो सका, लेकिन जयकारों और भक्ति भाव से परिसर गूंजता रहा। जय भवानी, जय शिवाजी, हर हर महादेव और राधे-राधे के उद्घोष ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि पराधीनता सपने में भी सुख नहीं देती, शिवाजी ने इसे अस्वीकार किया। सेवा ही सच्ची तपस्या है। उन्होंने अपने स्वयंसेवी अनुभव साझा करते हुए डॉ. आशीष गौतम की त्यागपूर्ण यात्रा का उल्लेख किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हवाले से कहा कि सेवा देखनी हो तो आशीष गौतम से मिलें। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने की दृढ़ता का उदाहरण देते हुए युवाओं से आग्रह किया कि वे जड़ता छोड़ें और हिंदुत्व को जीवन में उतारें।
साधना श्री जी माहेश्वरी ने वर्षा में उपस्थित दर्शकों से कहा कि यह दैहिक, दैविक या भौतिक ताप नहीं, बल्कि भगवती की विशेष इच्छा है। उन्होंने मिशन की 29 वर्षीय यात्रा को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से जोड़ते हुए कहा कि रामकथा और श्रीमद्भागवत कथा का दान विश्व स्तर पर हो रहा है।
संस्थापक अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम ने कहा कि हिमाचल भगवान शिव की ससुराल है और राज्यपाल यहां वर्षा लेकर आए, यह शुभ संकेत है। उन्होंने मिशन की साधना यात्रा को स्वामी विवेकानंद, महावतार बाबा, परमहंस योगानंद, लाहिड़ी महाशय, और स्वामी श्री युक्तेश्वर गिरी जैसी गुरु परंपराओं से जोड़ते हुए एक भावुक प्रसंग साझा किया कि मिशन ने एक भिक्षुक मां के निधन के बाद उसके बच्चे को अपनाया, जो आज एमडी कर रहा है। उन्होंने कहा, जीवों पर दया का दावा न करें, कर्तव्य भाव से सेवा करें, दया तो भगवान शिव की है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि आगरा में शिवाजी महाराज की कैद ने ही हिंदवी स्वराज की नींव रखी। अगर औरंगजेब ने शिवाजी को आगरा में कैद न किया होता, तो मुगलों की सत्ता धराशायी नहीं होती। शरद पूर्णिमा की वर्षा को उन्होंने अमृत वर्षा बताया।
इस मौके पर मौजूद प्रमुख लोगों में पूर्व कुलपति सुरेन्द्र दुबे, वरिष्ठ भाजपा नेता दीपक ऋषि, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के कार्यकारी अध्यक्ष संजय चतुर्वेदी, राघवेंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री नितिन अग्रवाल, अपर्णा दुबे, निधि शर्मा, पंकज पाठक, रामय, नंदलाल, आयोजन समिति संयोजक ललित शर्मा, महामंत्री अभिनव मौर्य, जयवीर सिंह, गोविंद दुबे, नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा, दीप विनायक पटेल, ध्रुव गुप्ता, रजत शर्मा, अवधेश शर्मा भट्ठे वाले, सुमित दिवाकर, कान्हा राठौर, विनायक मुद्गल, आशीष पाराशर, कार्तिक प्रधान, आकाश आदि शामिल थे।
मिशन की ओर से सूचना दी गई है कि आज छह अक्तूबर का शो भारी वर्षा के कारण स्थगित हुआ। जिनके पास छह अक्टूबर की टिकट है, वे 7, 8 या 9 अक्तूबर में किसी भी दिन महानाट्य देख सकते हैं।