राजा जयचंद केस में देवकीनंदन ठाकुर के वकील कोर्ट में पेश हुए, 18 अगस्त को अगली सुनवाई

आगरा। वाराणसी में कथावाचन के दौरान क्षत्रिय समुदाय को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के अधिवक्ता बुधवार को आगरा के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM)-10 न्यायालय में पेश हुए। यह मामला परिवाद संख्या- 643/2025 के तहत दर्ज है, जिसे अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 356(2) के अंतर्गत अपराधिक मानहानि का आधार बनाकर दाखिल किया है।

Jul 9, 2025 - 15:44
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राजा जयचंद केस में देवकीनंदन ठाकुर के वकील कोर्ट में पेश हुए, 18 अगस्त को अगली सुनवाई

अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि सुनवाई के दौरान देवकीनंदन ठाकुर की ओर से अधिवक्ता अनुराग शुक्ला पेश हुए, जिन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए परिवाद की छाया प्रति मांगी। अदालत ने उन्हें प्रति उपलब्ध कराई और अगली सुनवाई की तिथि 18 अगस्त 2025 निर्धारित की है।

वादी पक्ष का कहना है कि कथावाचक ने अपने कथन में कहा था, आज सनातन धर्म को सबसे बड़ा खतरा जयचंदों से है। पाकिस्तान जयचंदों के कारण बना और कश्मीरी ब्राह्मणों का नरसंहार भी जयचंदों के कारण हुआ। वादी ने इसे क्षत्रिय समुदाय की छवि धूमिल करने वाला बताया और कहा कि राजा जयचंद राष्ट्रकूट वंश की राठौड़ शाखा के क्षत्रिय कुल से थे। वे स्वयं (वादी) भी क्षत्रिय कुल से हैं। कथावाचक के कथन से न सिर्फ उन्हें मानसिक पीड़ा हुई, बल्कि समाज में उनकी प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची।

वादी के अनुसार, देवकीनंदन ठाकुर के इस बयान के बाद जनता में यह धारणा बनी कि भारत के विभाजन और कश्मीरी ब्राह्मणों की त्रासदी के लिए क्षत्रिय समाज जिम्मेदार है, जो कि पूरी तरह से तथ्यहीन और समाज को भ्रमित करने वाला है।

सुनवाई के दौरान वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह, नरेश सिकरवार, एसपी सिंह सिकरवार, राहुल सोलंकी और अनुराग शुक्ला अदालत में उपस्थित रहे। अब 18 अगस्त को देवकीनंदन ठाकुर की ओर से जवाब दाखिल किया जाएगा, जिसके आधार पर न्यायालय अगली कार्यवाही करेगा।

SP_Singh AURGURU Editor