उत्तर प्रदेश की संस्कृति और विकास का संदेश लेकर हरियाणा जाएंगे सांसद राजकुमार चाहर

उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर यूपी सरकार देश के विभिन्न राज्यों में कार्यक्रम आयोजित कर रही है। फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर 24 जनवरी को हरियाणा में यूपी सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य नई दिल्ली और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक गुजरात में कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभालेंगे। कुल 17 अन्य जनप्रतिनिधियों को भी अलग-अलग राज्यों में प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी दी गई है।

Jan 22, 2026 - 17:29
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उत्तर प्रदेश की संस्कृति और विकास का संदेश लेकर हरियाणा जाएंगे सांसद राजकुमार चाहर
सांसद राजकुमार चाहर।

यूपी सरकार की बड़ी पहल, उत्तर प्रदेश दिवस पर राज्यों में भेजे गए विशेष प्रतिनिधि

आगरा। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर इस वर्ष प्रदेश सरकार देश के विभिन्न राज्यों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रही है, ताकि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके। इसी क्रम में फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर को हरियाणा में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश दिवस कार्यक्रम में यूपी सरकार का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कार्यक्रम 24 जनवरी को आयोजित होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पहल के तहत प्रत्येक राज्य के लिए अपने-अपने प्रतिनिधि नामित किए हैं। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को गुजरात की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह सांसद राजकुमार चाहर हरियाणा में उत्तर प्रदेश का पक्ष रखेंगे।

सरकार की इस रणनीति का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करना है। विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों के माध्यम से निवेश, पर्यटन, उद्योग, शिक्षा और संस्कृति से जुड़े विषयों पर संवाद किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को भी साझा किया जाएगा।

बताया गया है कि इस व्यापक आयोजन के तहत 17 अन्य मंत्रियों, सांसदों, विधान परिषद सदस्यों और वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों को भी अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश दिवस को केवल औपचारिक आयोजन न मानकर, प्रदेश सरकार इसे राष्ट्रीय संवाद और संपर्क के अवसर के रूप में देख रही है।