लघु उद्योगों को राहत दिलाने के लिए राकेश गर्ग की पहलः भूमि और शुल्क सुधार की सिफारिशें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को सरल भू-नीति और कम शुल्क जैसी राहत दिलाने की दिशा में उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत मांग पत्र भेजा और लखनऊ में प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग गुरु प्रसाद से मुलाकात कर यह पत्र औपचारिक रूप से सौंपा।

Jun 2, 2025 - 21:50
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लघु उद्योगों को राहत दिलाने के लिए राकेश गर्ग की पहलः भूमि और शुल्क सुधार की सिफारिशें
लखनऊ में प्रमुख सचिव गुरु प्रसाद से मिलते हुए उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग। साथ हैं लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश, मुख्य नगर नियोजक अनिल मिश्रा, आवास एवं विकास परिषद के निदेशक रवि जैन एवं लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष मधुसूदन दादू।

इस दौरान उनके साथ लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष मधुसूदन दादू, लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश, मुख्य नगर नियोजक अनिल मिश्रा तथा आवास एवं विकास परिषद के निदेशक रवि जैन भी उपस्थित रहे।

मांग पत्र के मुख्य बिंदु

कृषि भूमि पर उद्योग लगाने के लिए ग्राउंड कवरेज को 10% से बढ़ाकर 50% किया जाए।

भू-उपयोग परिवर्तन की अनिवार्यता समाप्त की जाए ताकि उद्योगों को आसानी से अनुमति मिल सके।

इंपैक्ट फीस (वर्तमान में सर्किल रेट का 40%) को न्यूनतम किया जाए।

विकास प्राधिकरणों द्वारा वसूले जा रहे अत्यधिक शुल्क तर्कसंगत बनाए जाएं—इसके लिए समिति गठन का प्रस्ताव।

सेटबैक और बिल्डिंग बायलॉज में छोटे उद्योगों के हित में संशोधन की आवश्यकता।

प्रमुख सचिव गुरु प्रसाद ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि सरकार इन बिंदुओं पर शीघ्र निर्णय लेगी। विभाग की ओर से स्पष्ट रूप से कहा गया कि मांगें उचित और व्यावहारिक हैं और उन पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राकेश गर्ग ने कहा कि यदि ये सुधार समयबद्ध तरीके से लागू होते हैं, तो राज्य में उद्योग स्थापना की भूमि संबंधी समस्या दूर होगी और यूपी औद्योगीकरण के नए युग में प्रवेश करेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह पहल ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ और ‘मेक इन यूपी’ जैसे अभियानों को भी मजबूती देगी।

SP_Singh AURGURU Editor