मरने से पहले थाने के अंदर जहर खाने की सच्चाई बता गई रेप पीड़िता, एसओ सस्पेंड
पीलीभीत। एक बलात्कार पीड़िता न्याय मांगने के लिए पीलीभीत की अमरिया कोतवाली में पहुंची। एसएचओ से कहा कि न्याय नहीं मिला तो जहर खा लूंगी। थानाध्यक्ष ने कह दिया कि खा ले। पीड़ित युवती ने सचमुच थाने में ही जहर खा लिया। खलबली मच गई। युवती को इलाज के लिए बरेली तक लाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पीलीभीत के एसपी अविनाश पांडेय ने इस मामले में एसओ अमरिया ब्रजवीर सिंह को निलंबित कर दिया है। सीओ को जांच सौंप दी गई है। पीड़िता की दर्ज की गई रिपोर्ट की विवेचना में लापरवाही बरतने का दोषी पाते हुए एसपी अविनाश पांडेय ने यह कार्रवाई की। निलंबन के साथ ही विभागीय जांच के भी आदेश कर इंस्पेक्टर प्रमेंद्र कुमार को अमरिया का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। शुक्रवार को मृतका के शव को कड़ी सुरक्षा के बीच सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
अमरिया क्षेत्र की 28 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता ने छह नवंबर को थाना परिसर में जहर खा लिया था। बताया जा रहा है कि पीड़िता ने जहर खाने से पहले एसओ से कहा था कि अगर उसे न्याय नहीं देंगे तो वह जहर खा लेगी। इस पर थानाध्यक्ष ने कह दिया जहर खाना है तो खा ले। इसी से आहत होकर पीड़िता ने थाने के अंदर ही जहर खा लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज पीलीभीत में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उसे बरेली हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
दुष्कर्म पीड़िता का इलाज के दौरान का एक वीडियो बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह कह रही थी कि उसे जहर खाने के लिए एसओ अमरिया ब्रजवीर सिंह ने उकसाया था।
वायरल वीडियो शासन स्तर तक भी पहुंचा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी दुष्कर्म पीड़िता को इंसाफ न मिलने और खुदकुशी करने के मामले को लेकर सरकार को घेरा था। यह प्रकरण उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद एसपी अविनाश पांडेय ने प्रकरण में सीओ से आख्या तलब की थी।
सीओ से आख्या मिलने के बाद एसपी ने दुष्कर्म पीड़िता की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट में विवेचना के दौरान लापरवाही बरतने एवं दुष्कर्म पीड़िता के जहर खाकर जाने देने के बाद लग रहे गंभीर आरोपों को देखते हुए सख्त एक्शन लिया और एसओ अमरिया को निलंबित कर दिया।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि थाने की पुलिस ने युवती के घर पहुंचकर उन्हें मनाने का प्रयास किया, जिस पर भड़के परिजनों ने पुलिस को वहां से दौड़ा दिया। मृतका के परिजन पूरे मामले में थानाध्यक्ष ब्रजवीर सिंह पूरी तरह दोषी मान रहे हैं। उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जेल भेजे जाने की मांग कर रहे हैं।