राष्ट्र सेविका समिति ने छात्राओं संग किया वृहद वृक्षारोपण: एक पौधा मां के नाम, एक शहीद के नाम

आगरा। राष्ट्र सेविका समिति, आगरा विभाग द्वारा बल्केश्वर स्थित गणेशराम नगर कन्या महाविद्यालय में 15 जुलाई को वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समिति की बहनों, कार्यकर्ताओं और छात्राओं ने मिलकर नीम, पीपल, शीशम, तुलसी, अमरूद, करौंदा और सहजन जैसे औषधीय व उपयोगी पौधे रोपित किए।

Jul 15, 2025 - 20:10
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राष्ट्र सेविका समिति ने छात्राओं संग किया वृहद वृक्षारोपण: एक पौधा मां के नाम, एक शहीद के नाम
गणेशराम नगर कन्या महाविद्यालय में वृक्षारोपण के लिए पहुंचीं राष्ट्रसेविका समिति की पदाधिकारी और सदस्याएं छात्राओं के साथ।

-गणेशराम नगर कन्या महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल

श्रावण माह में हर वर्ष वृक्षारोपण की परंपरा

आगरा विभाग कार्यवाहिका श्रुति सिंघल ने बताया कि समिति प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में वृक्षारोपण अभियान चलाती है। इस अभियान के माध्यम से छात्राओं और समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति चेतना जागृत की जाती है। उन्होंने पौधों के औषधीय गुणों, देखरेख की विधियों और उनके प्रजातिगत महत्व पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, एक पौधा मां के नाम और एक पौधा शहीद के नाम लगाना चाहिए, यह हमारी परंपरा और कृतज्ञता का प्रतीक होगा।

प्रकृति से जुड़ाव और ज़िम्मेदारी का भाव

समिति की प्रांत सेवा प्रमुख दुर्गेश शर्मा ने कहा कि पेड़ लगाना न केवल एक सामाजिक दायित्व है, बल्कि पृथ्वी पर जीवन की रक्षा का मूल आधार भी है। उन्होंने कहा, जितने अधिक पेड़ लगाए जाएंगे, उतनी ही अधिक शुद्ध हवा, पानी और जीवन संभव हो सकेगा।

समाज और संस्थाओं का सहयोग भी रहा सराहनीय

वृक्षारोपण कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति से पूर्वी महानगर कार्यवाहिका मीना गुप्ता, रीना जैन, अरुणा गुप्ता, साधना राठौर, निर्मला, विनीति, रीता धाकरे और भावना वरदान शर्मा सहित कई सेविकाओं ने सक्रिय भागीदारी की।

विद्यालय की प्रधानाचार्या चारु पटेल एवं शिक्षिका संगीता अग्रवाल ने पौधों की देखभाल हेतु सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही, नगर निगम आगरा के पर्यावरण विभाग से राकेश शुक्ला का भी इस कार्य में सहयोग रहा।

संरक्षण की ज़िम्मेदारी हम सभी की

समिति और विद्यालय प्रशासन ने मिलकर संकल्प लिया कि लगाए गए सभी पौधों की नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाएगी, जिससे वे पूर्ण रूप से विकसित होकर पर्यावरण संतुलन में योगदान दे सकें।

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SP_Singh AURGURU Editor