आरबीआई ने रेपो रेट घटाई, आम लोगों को बड़ी राहत

मुंबई। कर्ज लेने वाले या फिर लोन पर ईएमआई चुकाने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत वाली खबर आई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बाजार की उम्मीद से बढ़कर रेपो रेट में आज बड़ी कटौती की है। आरबीआई की 4 जून से शुरु हुई मौद्रिक समिति की दो दिवसीय बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 50 बेसिस प्वाइंट यानि 0.50 प्रतिशत की बड़ी कटौती का ऐलान किया। इसके बाद अब रेपो रेट घटकर 5.5 प्रतिशत पर आ गया है।

Jun 6, 2025 - 11:47
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आरबीआई ने रेपो रेट घटाई, आम लोगों को बड़ी राहत


आरबीआई की तरफ से बीते छह महीने में ये लगातार रेपो रेट में तीसरी कटौती है। इससे पहले इस साल फरवरी में 25 बेसिस प्वाइंट और उसके बाद फिर अप्रैल में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई थी। जिसके बाद रेपो रेट 6 प्रतिशत पर आ गया था।

केन्द्रीय बैंक के इस फैसले के बाद कार-होम समेत सभी तरह के लोन सस्ते हो जाएंगे। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट में कटौती करते हुए कहा कि उनके इस कदम से देश के अंदर निवेशकों को भरपूर मौका मिलेगा। वैश्विक ग्रोथ की सुस्त रफ्तार के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही, घरेलू मांग को और मजबूत किया जाएगा।  

उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति बैठक के दौरान एसडीएफ रेट को 5.75 प्रतिशत से घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं एमएसएफ रेट भी 6.25 प्रतिशत से कम कर 5.75 प्रतिशत किया गया है। इसके साथ ही, आरबीआई गवर्नर ने कैश रिजर्व रेशियो यानी सीआरआर को भी चार फीसदी से 100 बेसिस प्वाइंट कम करते हुए 3 फीसदी रखा है। 

तीसरी बार रेपो रेट कम करने का आरबीआई की तरफ से ये फैसला ऐसे वक्त पर लिया गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में एल्युमिनियम और स्टील पर टैरिफ की दरों को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। भारत इन दोनों ही प्रोडक्ट का बड़ा निर्यातक रहा है। ऐसे में भारत के लिए ये एक बड़ा झटका माना जा रहा था।   

संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ग्रोथ रेट 6.5 प्रतिशत बने रहने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि देश का विकास दर पहली तिमाही में 6.5%, दूसरी तिमाही में 6.7%, तीसरी तिमाही में 6.6% और चौथी तिमाही में ग्रोथ रेट 6.3% रह सकता है।