टीएमसी के बागी सांसदों का एनसीपीआई में विलय, एनडीए को समर्थन, एनसीपीआई मान्यता प्राप्त रिजनल दल है

त्रिपुरा बेस्ड नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में टीएमसी के बागी सांसदों ने अपना विलय कर लिया है। ये पार्टी मान्यता प्राप्त रिजनल सियासी दल है। पश्चिम बंगाल के अलावा त्रिपुरा, मेघालय और नॉर्थ ईस्ट के कुछ राज्यों में भी इस पार्टी का आधार है। यह केंद्र की एनडीए सरकार को अपना समर्थन देगी।

Jun 14, 2026 - 21:54
 0
टीएमसी के बागी सांसदों का एनसीपीआई में विलय, एनडीए को समर्थन, एनसीपीआई मान्यता प्राप्त रिजनल दल है


नई दिल्ली। टीएमसी के बागी सांसदों ने आखिरकार नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया में अपना विलय कर लिया है। ऐसे में अब लोगों के मन में सवाल पैदा हो रहा है कि आखिर ये एनसीपीआई है क्या, ये पार्टी किन राज्यों में काम करती है और इसकी स्थापना आखिर कब हुई।

दरअसल, नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया त्रिपुरा की एक छोटी राजनीतिक पार्टी है। इसका वोटर बेस बंगाली समुदाय ही माना जा रहा है। पार्टी भारतीय जनता पार्टी  के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ मिलकर काम करेगी। ये पार्टी एनडीए सरकार को अपना समर्थन देगी। टीएमसी सांसदों के इसमें विलय के बाद इस पार्टी को राज्य में काफी मजबूती मिलेगी।

इस नई सियासी पार्टी और गठबंधन का मुख्य राजनीतिक केंद्र पश्चिम बंगाल के अलावा त्रिपुरा और असम जैसे राज्य होंगे। नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी है। यह एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है। इस राजनीति पार्टी की खासियत यह है कि यह नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों में भी बंगाली बोलने वाले नागरिकों को प्रतिनिधित्व करती है।

टीएमसी के बागी सांसदों ने एनसीपीआई में अपना विलय जरूर कर दिया है, लेकिन उन्होंने अभी असली टीएमसी पर अपना दावा नहीं छोड़ा है। बागी सांसदों का कहना है कि अदालत तय करेगी कि असली तृणमूल कांग्रेस पार्टी कौन सी है। उन्होंने फिलहाल नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी में अपना विलय कर लिया है।