आगरा की लोक अदालत में रिकॉर्ड निस्तारण : 6.56 लाख वाद सुलझे, 2.23 करोड़ का जुर्माना अधिरोपित

आगरा दीवानी परिसर और तहसील स्तर पर शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में वाद निस्तारण का बड़ा रिकॉर्ड बना। इस दौरान कुल 6,56,167 वादों का निपटारा किया गया और ₹2,23,64,284 रुपये जुर्माना राशि अधिरोपित की गई।

Sep 13, 2025 - 22:28
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आगरा की लोक अदालत में रिकॉर्ड निस्तारण : 6.56 लाख वाद सुलझे, 2.23 करोड़ का जुर्माना अधिरोपित
आगरा के सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को आयोजित लोक अदालत का उद्घाटन करते जनपद न्यायाधीस संजय कुमार मलिक।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय तृप्ता चौधरी, कामर्शियल कोर्ट द्वितीय के पीठासीन अधिकारी पंकज मिश्र, भू-अर्जन के पीठासीन अधिकारी महेश नौटियाल, अपर जिला जज राजेंद्र प्रसाद, पुष्कर उपाध्याय, अमरजीत, विधिक प्राधिकरण के सचिव डॉ. विद्याधर द्विवेदी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और मोबाइल कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहे।

जिला जज और अन्य अदालतों का योगदान

लोक अदालत के दौरान जिला जज संजय कुमार मलिक ने स्वयं सात वादों का निस्तारण किया। अपर जनपद न्यायाधीशों ने 767 वादों, जबकि परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश तृप्ता चौधरी और अतिरिक्त परिवार न्यायालयों ने 155 वादों का निपटारा किया।

तहसील स्तर पर भी हुआ निपटारा

लोक अदालत का आयोजन तहसील स्तर पर भी किया गया, जहाँ 2,71,076 वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार न्यायिक अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं के प्रयासों से बड़ी संख्या में लंबित मामलों का समाधान हो सका।

न्याय सुलभ बनाने का प्रयास

न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से जनता को त्वरित और सुलभ न्याय प्रदान करना ही उद्देश्य है। ऐसे आयोजनों से मुकदमों का बोझ कम होता है और लोगों को राहत मिलती है।

SP_Singh AURGURU Editor