‘नन्ही नन्नू की नन्ही दुनिया’ का विमोचन: बाल कविताएं बुजुर्गों को भी करा रहीं हैं बचपन का सफ़र

आगरा। बाल साहित्य की मधुर धारा ने बुजुर्गों तक को अपने बचपन की याद दिला दी। 'नन्ही नन्नू की नन्ही दुनिया' नामक बाल काव्य संग्रह का विमोचन नागरी प्रचारिणी सभा के पुस्तकालय भवन में साहित्यिक गरिमा के साथ किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बाल साहित्यकार डॉ. शशि गोयल ने कहा कि बाल कविताएं न केवल बच्चों के मन में सृजनशीलता और संवेदनाओं का बीज बोती हैं, बल्कि बुजुर्गों के मन में भी बालपन की मधुर स्मृतियां जगाती हैं। इसी कारण बाल साहित्य का सृजन अत्यंत जरूरी है।

Nov 15, 2025 - 18:04
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‘नन्ही नन्नू की नन्ही दुनिया’ का विमोचन: बाल कविताएं बुजुर्गों को भी करा रहीं हैं बचपन का सफ़र
नागरी प्रचारिणी सभा में शरद गुप्त के बाल काव्य संग्रह का विमोचन करते अतिथि साहित्यकार।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नागरी प्रचारिणी सभा के सभापति डॉ. खुशीराम शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि शरद गुप्त की कविताओं में संस्कृति, कला, लोक परंपरा, पर्व और उत्सवों की अनूठी झलक मिलती है। समीक्षा प्रस्तुत करते हुए साहित्यकार डॉ. आर.एस. तिवारी 'शिखरेश' ने कहा कि बाल साहित्य लिखने के लिए कवि को परकाया प्रवेश करना पड़ता है अर्थात् खुद को पूरी तरह बच्चे के रूप में ढालना पड़ता है।

कार्यक्रम में केंद्रीय हिंदी संस्थान की पूर्व निदेशक डॉ. बीना शर्मा ने भी काव्य संग्रह पर विस्तृत दृष्टिकोण व्यक्त किया। शरद गुप्त के व्यक्तित्व और साहित्यिक योगदान का परिचय आगरा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. विनोद माहेश्वरी ने प्रस्तुत किया। काव्य संग्रह के विषय में शरद गुप्त ने स्वयं भावनाएं व्यक्त कीं।

कार्यक्रम का संयोजन डॉ. कमलेश नागर ने किया, जबकि नागरी प्रचारिणी सभा के मंत्री डॉ. चंद्रशेखर शर्मा द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। अंत में साहित्यसेवी संजय गुप्त ने माँ सरस्वती के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उपस्थित साहित्यकारों का धन्यवाद किया।

साहित्यिक वातावरण से सराबोर इस अवसर पर डॉ. मधुरिमा शर्मा, डॉ. सुनीता चौहान, डॉ. आभा चतुर्वेदी, डॉ. वत्सला प्रभाकर, नितिन जौहरी, एस.के. बग्गा, रामेंद्र शर्मा रवि, ब्रजबिहारी बिरजू, शेषपाल सिंह ‘शेष’, आचार्य यादराम सिंह ‘किंकर’, रेखा, प्रकाश गुप्ता ‘बेबाक’ , रामेंद्र शर्मा रवि, दिलीप रघुवंशी, आचार्य यादराम सिंह कवि किंकर, आचार्य उमाशंकर  पाराशर, रमेश पंडित, प्रकाश गुप्ता बेबाक, प्रेम राजावत , डॉ रमेश आनंद, सुधीर शर्मा, देवांश , मुकुल, पवन गुप्ता, एस के बग्गा, गीतिका, रेखा आदि सहित अनेक साहित्य, कला और शिक्षण क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।

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SP_Singh AURGURU Editor