आगरा के पिनाहट में धर्मांतरणः राजा अरिदमन सिंह तो लगातार चेता रहे थे, पुलिस ही सोती रही

आगरा। बाह विधानसभा क्षेत्र से छह बार के विधायक और पूर्व मंत्री राजा महेंद्र अरिदमन सिंह लगातार आगाह कर रहे थे कि पिनाहट क्षेत्र में संगठित धर्मांतरण का खेल चल रहा है। बीते कल पिनाहट क्षेत्र के उटसाना से प्रलोभन देकर भोले भाले लोगों को धर्मांतरित कर ईसाई बना रही एक महिला की गिरफ्तारी के बाद उनकी आशंका सच साबित हो गई है। सवाल यह है कि इतने वरिष्ठ नेता द्वारा आगाह किए जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन की नींद क्यों नहीं टूटी। खुफिया विभाग क्यों सोता रहा।

Aug 25, 2025 - 14:14
 0
आगरा के पिनाहट में धर्मांतरणः राजा अरिदमन सिंह तो लगातार चेता रहे थे, पुलिस ही सोती रही
पिनाहट के उटसाना गांव में धर्मांचरण की गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार संतोष उर्फ मिंदर कौर।

राजा अरिदमन सिंह ने लगभग दो माह पहले एक प्रेस वक्तव्य जारी कर पुलिस प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया था कि पिनाहट क्षेत्र में संदिग्ध किस्म लोगों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। गांवों में लोगों को ईसाई बनाने के लिए प्रार्थना सभाएं हो रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया था कि पिनाहट क्षेत्र में अलग बोली-बानी और पहनावे वाले संदिग्ध लोग गांव-गांव घूम रहे हैं, जो जो बांग्लादेशी या रोहिंग्या घुसपैठिए हो सकते हैं। इन सारी सूचनाओं के बाद पुलिस के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।

एक माह तक पुलिस के स्तर से कोई कार्रवाई न होने पर पूर्व मंत्री ने इस बारे में पुलिस कमिश्नर को एक पत्र  भी भेजा, लेकिन इसके बाद भी न तो पिनाहट पुलिस हरकत में आई और न ही खुफिया विभाग ने इस खतरे पर कोई गंभीरता दिखाई। अब उटसाना गांव में संतोषी नामक महिला की गिरफ्तारी ने राजा अरिदमन सिंह की सारी आशंकाओं को सच साबित कर दिया है।

पुलिस ने संतोषी के पास से ईसाई धर्म की पुस्तकें और साहित्य बरामद किया है। मामला तब उजागर हुआ जब उटसाना गांव के रहने वाले बनारसी ने पिनाहट पुलिस को तहरीर दी। बनारसी की पत्नी तीन साल से बीमार थी और इसी दौरान वह संतोषी उर्फ मिंदर कौर के संपर्क में आई। संतोषी ने बीमारी दूर होने का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने की सलाह दी।

23 अगस्त को बनारसी के घर भजन-कीर्तन का कार्यक्रम था। इस अवसर पर पहुंची संतोषी ने अचानक ईसाई भजन गाने शुरू कर दिए और उपस्थित महिलाओं को ईसाई धार्मिक पुस्तकें भी बांट दीं। इसी आधार पर बनारसी ने उसे पकड़वाया और पुलिस ने कार्रवाई की।

यह घटना कई सवाल खड़े करती है। जब पूर्व मंत्री लगातार चेतावनी दे रहे थे तो पुलिस ने लापरवाही क्यों बरती?क्या खुफिया विभाग की जिम्मेदारी केवल कागजों तक सीमित रह गई है? और सबसे अहम, क्या वाकई इस क्षेत्र में बाहरी घुसपैठियों के जरिए संगठित धर्मांतरण नेटवर्क सक्रिय है?

दरअसल, यह गिरफ्तारी सिर्फ एक महिला की नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी को उजागर करती है। अगर समय रहते पुलिस सतर्क होती तो धर्मांतरण का यह खेल यहां न फैल पाता।

राजा अरिदमन सिंह ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि बाह क्षेत्र के दौरे में उन्होंने स्वयं ऐसे लोगों को देखा है जो शक्ल, सूरत और पहनावे व बोली से बाहरी प्रतीत होते हैं। इसी वजह से उन्होंने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा था कि ऐसे लोगों की जांच करा लें कि कहीं ये बांग्लादेशी अथवा रोहिंग्या तो नहीं हैं जो पिनाहट क्षेत्र में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को पिनाहट क्षेत्र के इस खतरे को गंभीरता से लेना चाहिए।

SP_Singh AURGURU Editor