किराये का झांसा, गिरवी का खेल, आगरा में ‘कार रेंट’ गैंग का भंडाफोड़, 12 गाड़ियां बरामद
आगरा में कार किराये पर लगाने के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए 12 गाड़ियों को गिरवी रखकर लोगों से धोखाधड़ी की। वे पहले किराया देकर भरोसा जीतते थे, फिर भुगतान बंद कर गाड़ियां हड़प लेते थे।
25-30 हजार महीने का लालच देकर करते थे ठगी, फर्जी दस्तावेजों से गाड़ियां रख देते थे गिरवी
आगरा। आगरा में “कमाई का आसान मौका” बताकर लोगों को फंसाने वाले एक शातिर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र की पुलिस ने कार किराए पर लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों धीरज कुमार और हनुमंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई में इस गैंग के पास से 12 कारें, एक मोबाइल फोन और कई कूटरचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। यह गैंग लोगों को हर महीने 25 से 30 हजार रुपये किराये का लालच देता था और भरोसा दिलाता था कि गाड़ी की पूरी जिम्मेदारी ड्राइवर से लेकर मेंटेनेंस तक वे खुद संभालेंगे।
शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए आरोपी 1-2 महीने तक समय पर किराया भी देते थे। लेकिन जैसे ही गाड़ी उनके कब्जे में आ जाती, वे भुगतान बंद कर देते और फिर शुरू होता था असली खेल। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी दस्तावेज और नकली हस्ताक्षरों के जरिए गाड़ियों को दूसरे लोगों के पास गिरवी रख देते थे। इसके बाद मोटी रकम लेकर आपस में बांट लेते थे। इस तरह वे कई लोगों को अपना शिकार बना चुके थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से एक मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड की छायाप्रति, एक स्टाम्प पेपर और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। साथ ही उनकी निशानदेही पर 11 और गाड़ियां बरामद की गईं, जिससे कुल बरामद वाहनों की संख्या 12 हो गई। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। संभावना है कि इस गिरोह का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है।