पांच साल की मासूम से दरिंदगी के दोषियों को फांसी दिलाने वाले  न्याय के प्रहरियों का सम्मान

पांच वर्षीय मासूम के साथ गैंगरेप और हत्या के जघन्य मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाकर न केवल कानून की ताकत बल्कि न्यायपालिका की संवेदनशीलता का भी परिचय दिया। इस ऐतिहासिक फैसले में अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी करने वाले अधिकारियों और अधिवक्ताओं को बाल अधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस ने सम्मानित किया।

Oct 17, 2025 - 19:29
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पांच साल की मासूम से दरिंदगी के दोषियों को फांसी दिलाने वाले  न्याय के प्रहरियों का सम्मान
पांच साल की मासूम बच्ची के साथ रेप और हत्या के दो आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने वाली अभियोजन पक्ष की टीम को सम्मानित करते नरेस पारस।

आगरा। नन्हीं बच्ची के साथ हुई अमानवीय घटना को अदालत ने “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” करार देते हुए दोषियों को कल मौत की सजा सुनाई थी। न्याय की इस जीत के बाद समाज में न केवल कानून के प्रति विश्वास बढ़ा, बल्कि अपराधियों में भी भय का माहौल बना।

बाल अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट एवं अधिवक्ता नरेश पारस ने अभियोजन पक्ष की टीम का सम्मान किया। उन्होंने कहा, यह फैसला उन सभी के लिए चेतावनी है जो बच्चों के साथ अपराध करने की सोच रखते हैं। चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट नरेस पारस ने कहा कि यह सजा हर दरिंदे के लिए संदेश है कि न्याय व्यवस्था अब चुप नहीं रहेगी।

सम्मानित अधिवक्ताओं में जिला शासकीय अधिवक्ता (क्राइम) राधाकृष्ण गुप्ता, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाष गिरि, देवी सिंह, विजय किशन लवानियां और विशेष लोक अभियोजक शामिल रहे। इस अवसर पर जितेंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे।

यह मामला 18 मार्च 2024 का है, जब पांच साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप और हत्या की गई थी। दोषियों ने फिरौती भी मांगी थी। पुलिस की तत्परता से गिरफ्तारी हुई और बच्ची का शव बरामद हुआ।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सोनिका चौधरी (एडीजे-27) ने अपने निर्णय में लिखा- यह अपराध समाज की आत्मा को झकझोर देने वाला है। ऐसे अपराधियों के लिए केवल मृत्युदंड ही न्यायसंगत है।

SP_Singh AURGURU Editor