बंदिशें टूटीं, शर्म नहीं—अब आत्मविश्वास है, आगरा में प्रौढ़ शिक्षा से बदली 2500 महिलाओं की तक़दीर, साक्षरता बनी स्वाभिमान की पहचान

आगरा। समाज की रूढ़ियों और हालात की बेड़ियों को तोड़ते हुए जिन महिलाओं को कभी पढ़ना-लिखना नसीब नहीं हुआ था, आज वही महिलाएं साक्षरता प्रमाण पत्र हाथ में लेकर आत्मविश्वास से भरी नजर आईं। एक पहल बीआर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी और शिव नाडर फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से दयालबाग स्थित एक पहल पाठशाला में संचालित प्रौढ़ शिक्षा केंद्रों के समापन समारोह में यह परिवर्तन साफ दिखाई दिया।

Jan 30, 2026 - 20:28
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बंदिशें टूटीं, शर्म नहीं—अब आत्मविश्वास है, आगरा में प्रौढ़ शिक्षा से बदली 2500 महिलाओं की तक़दीर, साक्षरता बनी स्वाभिमान की पहचान
प्रौढ़ शिक्षा केंद्रों के समापन समारोह में साक्षरता प्रमाण पत्रों के साथ महिलाएं, जिन्होंने शिक्षा से आत्मनिर्भरता की नई राह पाई।

शुक्रवार को आयोजित समारोह में शिक्षा प्लस प्रोग्राम के अंतर्गत एक वर्ष से संचालित 56 निःशुल्क प्रौढ़ शिक्षा केंद्रों की महिला शिक्षार्थियों को साक्षरता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ एमएलसी विजय शिवहरे, उपायुक्त उद्योग सोनाली जिंदल, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष विजय गुप्ता, शिव नाडर फाउंडेशन से रोबिन सरकार, विजय आनंद वर्मा, संजीव झा, डॉ. सरोज प्रशांत और विपिन कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

शिक्षा निदेशक रोबिन सरकार ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर समन्वयक पुष्पेंद्र कुमार, नेत्रपाल, सुखवीर, अंजू, शालू और गरिमा की देखरेख में पहले चरण में दयालबाग के सदरवन (4 केंद्र), अरतौनी (5), लखनपुर (3), राहुल नगर (4), लालगढ़ी (2), बाईपुर (7), मघटई (6) और नगला बूढ़ी (3) में कुल 56 वॉलंटियरों की सहायता से प्रौढ़ शिक्षा केंद्र संचालित किए गए। इन केंद्रों के माध्यम से 2500 महिलाओं को साक्षरता एवं कौशल का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि अब तक संस्था द्वारा 15 हजार महिलाओं को शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है, जबकि अप्रैल से अगले चरण में 10 हजार और महिलाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य तय किया गया है।

संस्था के महासचिव मनीष राय ने कहा कि प्रौढ़ शिक्षा केंद्रों में एक वर्ष तक नियमित कक्षाएं लगाकर उन महिलाओं को पढ़ाया गया, जो किसी कारणवश शिक्षा से वंचित रह गई थीं। शिक्षा प्लस प्रोजेक्ट के तहत अभावग्रस्त महिला शिक्षार्थियों को कंप्यूटर स्क्रीन की सहायता से निःशुल्क शिक्षा दी गई, जिससे उनका शैक्षिक, सामाजिक और मानसिक विकास संभव हो सका। समारोह के दौरान साक्षर बनी महिलाओं ने मंच से अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलाव साझा किए, जिसने पूरे वातावरण को भावुक और प्रेरक बना दिया।

कार्यक्रम में महिला शिक्षार्थियों द्वारा हस्तकला प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जो आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में उनके द्वारा तैयार जरदोसी कार्य, माला, दरी, जूते, झाड़ू, बैग, मुड़ा, पायल सहित अनेक हस्तनिर्मित वस्तुएं प्रदर्शित की गईं।

मंच संचालन मनीषा गिलानी और इरम ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष डॉ. ईभा गर्ग ने दिया। इस अवसर पर बरखा राय, अंकित खंडेलवाल, मानस राय, नवीन कुमार, अश्लेष मित्तल, सुरभि कुमारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor