आगरा में रेवेन्यू बोर्ड अध्यक्ष बोले- सभी तहसीलों का चेहरा बदलेगा, राजस्व सेवाएं होंगी डिजिटल
आगरा। प्रदेश की सभी तहसीलों का चेहरा अब बदलने वाला है। राजस्व परिषद अध्यक्ष अनिल कुमार ने आगरा में आज यह जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की हर तहसील का आधुनिकीकरण कर भूमि से जुड़े सभी कार्यों को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। खतौनी से लेकर नक्शा तक हर अभिलेख कंप्यूटर की नज़र में सुरक्षित रहेगा और भूमि आवंटन व नामांतरण की प्रक्रिया तेज, सरल और समयबद्ध होगी।
राजस्व परिषद अध्यक्ष जेपी पैलेस होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में लघु उद्योग भारती आगरा एवं क्रेडाई आगरा द्वारा उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग के सहयोग से आयोजित आगरा संवाद 2025 में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में औद्योगिक विकास के रास्ते में आ रही राजस्व संबंधी जटिलताओं पर खुलकर चर्चा हुई।
आगरा संवाद 2025 कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजस्व परिषद अध्यक्ष अनिल कुमार, कार्यक्रम अध्यक्ष लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल रावी, जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता, क्रेडाई के अध्यक्ष शोभित अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष संजय अग्रवाल, एवं अशोक कुलश्रेष्ठ ने दीप जलाकर कर किया।
भूमि के कार्यों को पारदर्शी बना रहे
मुख्य अतिथि राजस्व परिषद अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि यूपी में भूमि से जुड़े सभी कार्यों को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है ताकि जनता और उद्यमियों दोनों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन, खतौनी, नामांतरण, चकबंदी आदि प्रक्रियाओं के लिए नवीन सॉफ्टवेयर विकसित किए जा रहे हैं।
गांवों की सैटेलाइट जल्द अपलोड होंगी
उन्होंने बताया कि गांवों की सैटेलाइट इमेज अपलोड की जाएगी, जिससे सर्किल रेट निर्धारण में किसी प्रकार की विसंगति नहीं रहेगी। शुद्ध खतौनी और शुद्ध नक्शे की महत्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि अभिलेखों की सही प्रविष्टियां आगे की प्रक्रिया को आसान बना सकती हैं।
राजस्व परिषद अध्यक्ष अनिल कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा बताया कि धारा 80 की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए इसे धारा 79 के आधार पर सुदृढ़ किया गया है और अब यह पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है। इसी तरह धारा 234 और धारा 98 से जुड़ी समस्याओं को भी डिजिटल माध्यम से हल किया जा रहा है।
ई-फाइलिंग से समय की बचत होगी
उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को ई-फाइलिंग प्रणाली से जोड़ा जा रहा है, जिससे फाइलों की पारदर्शिता बनी रहेगी और विवाद/शिकायतें न्यूनतम होंगी। भूमि आवंटन और नामांतरण की प्रक्रिया में 30 दिन की समय-बचत होगी। साथ ही प्रदेश की सभी तहसीलों का जल्द ही सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
राजस्व परिषद अध्यक्ष ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व विभाग की ऑनलाइन कार्यप्रणाली का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
उद्योग जगत की प्रमुख समस्याएं जो उठाई गईं
कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए लघु उद्योग भारती आगरा के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार में राजस्व विभाग की प्रक्रियाओं की जटिलताएँ एवं विलंब सबसे बड़ी बाधा हैं। उन्होंने कृषि भूमि को अकृषिक घोषित करने में विलंब, कंपनी के नाम पर भूमि प्रविष्टि में जटिलता, चकरोड/नाली का समायोजन, चकबंदी निरस्तीकरण के बाद आदेशों की वैधता और डिजिटल खतौनी में अंश निर्धारण की त्रुटियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
अन्य वक्ताओं ने रखे ये सुझाव
अशोक कुलश्रेष्ठ ने मास्टर प्लान पर भूमि क्रय और पुराने अभिलेखों के डिजिटलाइजेशन का मुद्दा उठाया। अधिवक्ता केसी जैन ने राजस्व न्यायालयों में ई-फाइलिंग और वसीयत रजिस्ट्री को अनिवार्य करने की आवश्यकता बताई। संजय अग्रवाल (पूर्व अध्यक्ष, क्रेडाई) ने दाखिला-खारिज प्रक्रिया सरल करने और स्टांप ड्यूटी के बाद नामांतरण में आ रही दिक्कतें दूर करने की मांग की। राहुल जैन (उपाध्यक्ष, ब्रज डेवलपमेंट फाउंडेशन) ने डिजिटलाइजेशन की त्रुटियों को सुधारने हेतु “अभिलेख सुधार दिवस” माह में एक दिन तय करने का सुझाव दिया। इंजीनियर उमेश शर्मा ने तहसील की स्थिति सुधारने, दिव्यांगों के लिए सुविधा बढ़ाने और टीटीजेड की सीमा स्पष्ट करने की बात रखी।
मंडलायुक्त-डीएम का आश्वासन
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह एवं जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए विभागीय सुविधाओं के विकास व विस्तार की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में दिनेश गुप्ता, सीएस अनुज अशोक, संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार , भुवेश अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, राहुल जैन, छोटेलाल बंसल, मनीष बंसल, नवीन कुलश्रेष्ठ, प्रवीण कुमार, राजेश अग्रवाल, उमेश शर्मा, मुकेश गुप्ता, जितेंद्र बंसल, राजीव बंसल, अनुज सिंगल, नितिन अग्रवाल, अरविंद सिंह, अरविंद शुक्ला, पंकज बंसल आदि उपस्थित रहे।