कंगना रनौत के खिलाफ केस खारिज होने पर दायर हुआ रिवीजन, कोर्ट ने 2 जून तय की सुनवाई की तारीख
आगरा। हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों के मामले में स्पेशल कोर्ट द्वारा केस खारिज किए जाने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने उस आदेश के खिलाफ जिला न्यायालय में रिवीजन याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 2 जून 2025 की तिथि तय की है।
जिला जज संजय कुमार मलिक की अदालत में पेश इस रिवीजन की एक प्रति जिला शासकीय अधिवक्ता बसंत कुमार गुप्ता को सौंपी गई, जिन्होंने जवाब देने और बहस के लिए समय की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित की।
निचली अदालत ने खारिज कर दिया था मामला
11 सितंबर 2024 को वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कंगना रनौत के खिलाफ देश के किसानों को अपमानित करने और देश की आजादी को भीख बताकर स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए केस दायर किया था। इस मामले में कंगना को तीन बार नोटिस भेजे गए थे, लेकिन वे या उनके वकील पेश नहीं हुए।
सुनवाई के दौरान कंगना की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अनसूया चौधरी ने बहस की। स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए ने इस आधार पर मामला खारिज कर दिया कि वादी (शर्मा) या उनका कोई परिजन किसान आंदोलन में शामिल नहीं था। किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति नहीं ली गई। महात्मा गांधी के अपमान का मामला उनके परिवार द्वारा ही दायर किया जा सकता है।
रिवीजन में वादी ने दिये ये तर्क
एडवोकेट रमाशंकर शर्मा ने रिवीजन में तीनों बिंदुओं का जवाब देते हुए कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और खेती से जुड़ा उनका अनुभव रहा है। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों से वे और उनका परिवार प्रभावित हुआ था। किसानों के 378 दिन के ऐतिहासिक धरने और 700 से अधिक मौतों से वे आहत हुए, इसलिए उन्होंने मामला दायर किया। कोई सार्वजनिक टिप्पणी करने के लिए कोर्ट या सरकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। महात्मा गांधी पूरे राष्ट्र के पिता हैं, उनके अपमान पर देश का कोई भी नागरिक आपत्ति उठा सकता है।
रिवीजनकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्ग विजय सिंह भैया, सुरेंद्र लाखन, सुमंत चतुर्वेदी, सत्य प्रकाश सक्सेना, बीएस फौजदार, राकेश नौहवार, सतीश कुमार शमी, राजेन्द्र गुप्ता, धीरज ओपी वर्मा, नवीन वर्मा समेत एक दर्जन से अधिक वकीलों ने पैरवी की।