सनातन की हुंकार: श्री कल्कि धाम संभल में भारतीय सनातन संपर्क यात्रा का समापन, यज्ञ के साथ पारित हुए पांच निर्णायक प्रस्ताव

संभल। सनातन चेतना को राष्ट्रव्यापी स्वर देने वाली भारतीय सनातन संपर्क यात्रा का प्रथम चरण विगत दिवस श्री कल्कि धाम, संभल में वैदिक यज्ञ और विचार गोष्ठी के साथ भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। अमेरिका के लास वेगास निवासी एनआरआई संत स्वामी अनल एवं माता मधु द्वारा प्रयागराज से आरंभ की गई इस यात्रा का समापन कल्कि पीठाधीश्वर श्रद्धेय आचार्य प्रमोद कृष्णम की उपस्थिति में हुआ। यह यात्रा न केवल भौगोलिक दूरी तय करने का प्रयास थी, बल्कि सनातन विचार, संस्कृति और आत्मबोध को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प भी थी।

Jan 6, 2026 - 14:52
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सनातन की हुंकार: श्री कल्कि धाम संभल में भारतीय सनातन संपर्क यात्रा का समापन, यज्ञ के साथ पारित हुए पांच निर्णायक प्रस्ताव
श्री कल्कि धाम संभल में सनातन सम्पर्क यात्रा के समापन के मौके पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम के साथ संत स्वामी अनल एवं अन्य।

यात्रा संयोजक डॉ. दिवाकर तिवारी ने बताया कि स्वामी अनल जी ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में गांवों और कस्बों के मंदिरों में यज्ञ कर सनातनी परिवारों से सीधा संवाद स्थापित किया। सनातन की महत्ता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर विचार साझा किए गए। स्वामी अनल अमेरिकन हिंदू एसोसिएशन के माध्यम से अमेरिका सहित अनेक देशों में सनातन प्रचार में सक्रिय हैं और अब भारत यात्रा के माध्यम से जमीनी स्तर पर संवाद को सशक्त कर रहे हैं।

श्री कल्कि धाम में यात्रा के 93वें दिन, स्वामी अनल के साथ स्वयं आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 103वें यज्ञ में आहुति अर्पित की। स्वामी अनल ने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि श्री कल्कि धाम में यात्रा का समापन होना उनके लिए दैवीय अनुग्रह है।

समापन अवसर पर श्री कल्कि पीठ द्वारा संभल का इतिहास और सनातन का भविष्य विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के प्रबुद्ध मनीषियों, इतिहासकारों और विद्वत जनों ने अपने विचार रखे। गोष्ठी को संबोधित करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि श्री कल्कि धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भविष्य में सनातन धर्म का वैश्विक केंद्र बनेगा, यह बात स्वयं देश के प्रधानमंत्री ने शिलान्यास अवसर पर कही थी।
उन्होंने इसे दैवीय संयोग बताया कि अमेरिका की धरती पर लिया गया स्वामी अनल जी का संकल्प आज श्री कल्कि धाम में पूर्ण हुआ, जबकि दोनों के बीच संपर्क भी मात्र चार दिन पूर्व ही स्थापित हुआ।

इस पावन अवसर पर पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। प्रथम प्रस्ताव था कि  गौ माता के वध पर संपूर्ण राष्ट्र में पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। द्वितीय प्रस्ताव के अनुसार पूर्व में हिंदू से मुसलमान बनाए गए सनातनियों को पुनः ससम्मान सनातन समाज में वापस लिया जाए। तृतीय प्रस्ताव में कहा गया कि सनातन समाज में जातिवाद को समाप्त कर सभी को केवल “सनातनी” की पहचान दी जाए।

चतुर्थ प्रस्ताव में मांग की गई कि  जिन मंदिरों को आक्रांताओं द्वारा तोड़कर अन्य धर्मस्थलों में परिवर्तित किया गया, उन्हें उनके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाए, अन्य धर्मों के स्थलों को न तोड़ा जाए। पंचम प्रस्ताव में निर्णय हुआ कि इन सभी विषयों पर देश के गांवों, कस्बों और शहरों में गोष्ठियां व सम्मेलन आयोजित कर जनजागरण किया जाए।

प्रस्तावों के समर्थन में उपस्थित जनसमूह ने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ एक स्वर में समर्थन व्यक्त किया।

कार्यक्रम में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्वामी अनल, माता मधु, इतिहासकार विग्नेश त्यागी, यूट्यूबर गौतम खट्टर सहित अन्य विद्वत जनों का स्वागत किया। वहीं डॉ. दिवाकर तिवारी, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, विमल जैन, अशोक त्रिपाठी, दुष्यंत शास्त्री, राजेश सिंघल एवं रामकिशोर त्यागी ने आचार्य श्री को शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

SP_Singh AURGURU Editor