स्कूल बच्चों का चरित्र गढ़ें, सिर्फ पाठ न पढ़ाएं: एक पहल पाठशाला के स्थापना दिवस समारोह में कपिल देव बोले- जब तक ‘0’ नहीं बनता, तब तक ‘100’ का मजा नहीं आता

एक पहल पाठशाला के 16वें स्थापना दिवस समारोह में पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने छात्रों और शिक्षकों को जीवन, शिक्षा, अनुशासन और सफलता का सरल किंतु गहरा मंत्र देते हुए कहा कि पढ़ाई में दबाव नहीं, आनंद होना चाहिए, तभी बच्चा सीखने के प्रति आकर्षित होगा और चरित्र निर्माण की असली नींव यहीं से पड़ेगी।

Dec 4, 2025 - 23:41
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स्कूल बच्चों का चरित्र गढ़ें, सिर्फ पाठ न पढ़ाएं: एक पहल पाठशाला के स्थापना दिवस समारोह में कपिल देव बोले- जब तक ‘0’ नहीं बनता, तब तक ‘100’ का मजा नहीं आता
एक पहल पाठशाला के 16वें स्थापना दिवस समारोह में बच्चों को संबोधित करते भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव।

आगरा। एक पहल पाठशाला के 16वें स्थापना दिवस पर आयोजित लेजेंड्स मीट लर्नर कार्यक्रम में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने शिक्षा, चरित्र निर्माण, प्रेरणा और जीवन मूल्यों पर बेहद सारगर्भित विचार रखे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि कपिल देव और विशिष्ट अतिथि स्वप्निल अग्रवाल, सुरेशचंद्र गर्ग, संतोष शर्मा, सुशील गुप्ता, सीए गौरव बंसल, पूनम सचदेवा, सीए आलोक अग्रवाल व मनोज बल ने की।

पढ़ाई में दबाव नहीं, आनंद होना चाहिए

कपिल देव ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बच्चे अत्यंत स्मार्ट हैं। उन्हें सिर्फ प्रेरणादायक उदाहरण दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब पढ़ाई में आनंद आएगा, तब बच्चे खुद स्कूल आने लगेंगे। शिक्षा सिर्फ डिग्री नहीं, चरित्र बनाती है। स्कूलों को बच्चों के बेहतर चरित्र का निर्माण करना चाहिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि जो व्यक्ति पूरी एकाग्रता और निरंतर मेहनत से आगे बढ़ना चाहता है उसे कोई रोक नहीं सकता।

सम्मान, एकाग्रता और समर्पण सफलता की कुंजी

कपिल देव ने बच्चों से कहा कि अच्छा इंसान वही है जो दूसरों का सम्मान करना जानता है। दृढ़ निश्चय कर लो, फिर मंज़िल आपको ही मिलेगी। लड़कियों और शिक्षकों का सम्मान करना सीखना होगा, तभी समाज आगे बढ़ेगा।

जीरो नहीं बनाएंगे तो सौ का मज़ा कैसे आएगा?

एक बच्चे ने असफलता पर सवाल पूछा तो कपिल देव ने मुस्कराते हुए जवाब दिया कि क्रिकेट में जब तक ‘0’ नहीं बनता, तब तक ‘100’ का असली मज़ा नहीं आता। गलती से सीखकर और फिर मेहनत करने का जश्न मनाओ। उन्होंने कहा कि अगर वे आज विद्यार्थी होते तो पढ़ाई पर ही फोकस करते क्योंकि शिक्षा जीवन भर साथ रहती है।

सब तेंदुलकर और कोहली नहीं बन सकते

कपिल देव ने कहा कि सिर्फ ज्यादा पैसा कमाना सफलता नहीं है। असल सफलता है अपनी क्षमता से ऊपर उठ जाना। हर कोई सचिन और विराट नहीं बन सकता, पर अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ बनना हर किसी के हाथ में है।

अभिभावक मोबाइल देकर जिम्मेदारी से भाग रहे

मोबाइल पर कपिल देव ने साफ कहा कि अभिभावक बच्चों को मोबाइल न दें। अगर देना ही पड़े तो समय निर्धारित करें। आज माता-पिता अपने बच्चे से पीछा छुड़ाने के लिए मोबाइल थमा देते हैं, जिससे उनका ध्यान भटक जाता है।

विशिष्ट अतिथि स्वप्निल अग्रवाल ने कहा कि वे आज भी रोज पढ़ते हैं, व्यायाम करते हैं और दिनचर्या व्यवस्थित रखते हैं ताकि मन-मस्तिष्क सकारात्मक रहे। उन्होंने कहा कि ईश्वर संघर्ष उन्हीं को देता है जिनमें उससे लड़ने की क्षमता होती है।

कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष डॉ. ईभा गर्ग ने किया। स्वागत महासचिव मनीष राय और धन्यवाद राजकुमार अग्रवाल ने दिया।
इस अवसर पर एसएचओ न्यू आगरा राजीव त्यागी, ममता गर्ग, डॉ. सरोज प्रशांत, कुनाल गुप्ता, प्रियंका अग्रवाल, सतीश अरोरा, सीए हनीश गुप्ता, रामानंद चौहान, गौतम सेठ, सीए गौरव सिंघल, गगन वर्मन, कांता माहेश्वरी, जूली अग्रवाल, शीतल अग्रवाल, अंकित खंडेलवाल, मानस राय, नवीन कुमार, अश्लेष मित्तल सहित कई लोग उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor