लोकसभा में सिंधिया ने कहा- संचार साथी ऐप रखें या डिलीट कर दें, विकल्प सबके पास

  केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में कहा कि संचार साथी ऐप से जासूसी नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ऐप नागरिकों की सुरक्षा के लिए है और वे इसे डिलीट भी कर सकते हैं।

Dec 3, 2025 - 21:16
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लोकसभा में सिंधिया ने कहा- संचार साथी ऐप रखें या डिलीट कर दें, विकल्प सबके पास


नई दिल्ली। संचार साथी ऐप को नए स्मार्टफोनों में अनिवार्य रूप से इंस्टॉल करने और इससे जासूसी-निगरानी जैसी आशंकाओं और विरोध पर सरकार ने बुधवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि इस ऐप के आधार पर ना तो स्नूपिंग (जासूसी) संभव है और ना ही इससे स्नूपिंग होगी। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विपक्ष की आशंकाओं पर लोकसभा में जवाब देते हुए इस मामले में साफतौर पर कहा कि सरकार की कोई हट नहीं है। कोई चाहे तो इस ऐप को रखे नहीं तो डिलीट कर दे। यह अपने आप ऑपरेट नहीं होगा।

लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के सवाल के जवाब में संचार मंत्री सिंधिया ने कहा कि कोशिश है कि हर नागरिक को चॉइस दें। संचार साथी ऐप फोन पर है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह ऑटोमेटिकिली ऑपरेट हो जाएगा। जब तक मैं यानी उपभोक्ता के रूप में उसमें रजिस्टर्ड ना करूं, तब तक वह ऑपरेट नहीं होगा। उन्होंने सदन में अपना मोबाइल फोन दिखाते हुए कहा कि जैसे मेरे फोन में ढेर सारे ऐप हैं। मैं उन्हें दबाकर डिलीट कर सकता हूं। इसका पूर्ण अधिकार नागरिक का है। इसी तरह से लोकतंत्र में पूर्ण अधिकार नागरिकों का है।   
 
सिंधिया ने कहा कि हम लोगों ने केवल यह ऐप सभी को उपलब्ध कराने के लिए यह कदम लिया है। फिर भी मैं सदन के पटल पर भी यह कहना चाहता हूं। हमारी कोई हट नहीं है। कोई रखना चाहता है रखे, नहीं तो डिलीट कर दे। इसकी सफलता का प्रयोग जनता के आधार पर हुआ है। आगे भी हमे जो फीडबैक मिलेंगे। उसके आधार पर हम इसमें बदलाव के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश की जनता के हाथों में अधिकार देना चाहती है ताकि वह अपने आप को सुरक्षित रख सकें।

उन्होंने कहा कि लोगों को विश्व के साथ जोड़ने का दूरसंचार का क्षेत्र एक बहुत बड़ा माध्यम है। आज देश के अंदर हमारे 100 करोड़ यूजर हो चुके हैं। लेकिन यह भी सही है कि सकारात्मक उपयोग के साथ ही कई तत्व इसका नकारात्मक उपयोग भी करते हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि लोगों को इससे सुरक्षित रखें। इसी सोच के साथ ही 2023 में पहले संचार साथी पोर्टल की शुरूआत की गई थी। फिर 2025 में संचार साथी ऐप की शुरुआत की गई। उन्होंने सदन में कहा कि संचार साथी क्या है? असल में यह एक ऐसा ऐप है। जो की जनभागीदारी के आधार पर देश जनता को सुरक्षित रख सकता है। देश का हर एक-एक नागरिक अपने आप को सुरक्षित रख सकता है। मोबाइल फोन की चोरी होने, फ्रॉड होने की रिपोर्ट कर सकता है। हमारे पोर्टल पर 20 करोड़ हिट हुए हैं, डेढ करोड़ ऐप डाउनलोड हुए हैं। इस सफलता का श्रेय जनता को जाता है।

सिंधिया ने सदन में जोर देकर कहा कि आज मैं रिकॉर्ड पर रखना चाहता हूं कि जनता की रिपोर्ट पर इस ऐप और पोर्टल के आधार पर डेढ़ करोड़ फ्रॉड मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए, छह लाख फ्रॉड हमने ब्लॉक किए। करीब 26 लाख चोरी हुए फोन ट्रेस किए गए और सात लाख चोरी हुए फोन उनके असली मालिकों को वापस किए गए। इस मामले में विपक्ष के विरोध पर उन्होंने सदन के बाहर यह भी बताया था कि 2024 में 22 हजार 800 करोड़ रुपए के फ्रॉड हुए हैं। एक तरफ विपक्ष चिल्ला रहा है फ्रॉड कैसे रोकोगे। दूसरी तरफ संचार साथी ऐप हमने आप नागरिक को दे दिया तो कह रहे हैं पेगेसिस। उन्होंने कहा कि जो लोग सुविधा इस्तेमाल करना चाहते हैं करें, जो नहीं करना चाहते हैं इसे डिलीट करें, प्रॉब्लम क्या है।