गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा श्रद्धा का सागर, प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा में जुटे लाखों भक्त
वृंदावन। आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर गुरु पूर्णिमा और महर्षि वेदव्यास जयंती पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई जाती है। इसी क्रम में ब्रज क्षेत्र के विख्यात संत प्रेमानंद महाराज के यहां वृंदावन में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव में श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। संत प्रेमानंद जी महाराज के दर्शनों के लिए वृंदावन में एक लाख से अधिक शिष्य और भक्त उपस्थित रहे।
पदयात्रा में भक्ति का अद्भुत उत्सव
प्रेमानंद महाराज की भव्य पदयात्रा वृंदावन की श्री कृष्ण शरणम सोसाइटी से आरंभ हुई। मार्ग के दोनों ओर खड़े हजारों श्रद्धालु “राधे-राधे” और “श्री हरिवंश की जय” के जयकारे लगाते हुए संत के दर्शन को आतुर दिखे। ढाई किलोमीटर की इस पदयात्रा में भक्ति, संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
मंगल कलश, रंगोली और बैंड बाजों से स्वागत
पदयात्रा के सबसे आगे महिलाएं मंगल कलश लेकर चल रही थीं, उनके पीछे विभिन्न शहरों से आए कलाकार वाद्य यंत्र बजा रहे थे। मार्ग में जगह-जगह रंगोली सजाकर, बैंड-बाजों से स्वागत कर भक्तों ने प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
कीर्तन करते दिखे भक्त, प्रेम में डूबा वृंदावन
कई श्रद्धालु प्रेमानंद महाराज के चित्र हाथों में लेकर कीर्तन करते हुए चलते नजर आए। पदयात्रा के अंत में संत प्रेमानंद जी महाराज राधा केली कुंज पहुंचे, जहां उनके शिष्यों ने भक्ति भाव से दर्शन किए और गुरु चरणों में वंदन किया।
गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन वृंदावन में भक्ति और श्रद्धा की जीवंत मिसाल बना, जिसमें भारत के कोने-कोने से आए भक्तों ने भागीदारी की।