आगरा में एआई से अफवाह का दूसरा अटैक: खेरिया मोड़ रेलवे पुल गिरने का फर्जी वीडियो वायरल
आगरा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का दुरुपयोग कर आगरा में दहशत फैलाने की एक और साजिश सामने आई है। इस बार निशाने पर रहा थाना शाहगंज क्षेत्र में स्थित खेरिया मोड़ रेलवे पुल। पुल के गिरने का एक फर्जी और एआई-जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिससे आमजन में भ्रम और भय की स्थिति बन गई। प्रशासन ने वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए इसे अफवाह फैलाने की गंभीर साजिश करार दिया है।
जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में खेरिया मोड़ पुल के ध्वस्त होने का दावा किया गया, जबकि मौके पर स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। वीडियो देखते ही स्पष्ट हो रहा था कि वीडियो वास्तविक नहीं है, बल्कि एआई तकनीक के जरिए तैयार किया गया फेक कंटेंट है। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया है।
यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी घटना है, जब शरारती तत्वों ने एआई के जरिए झूठा वीडियो बनाकर जनमानस में दहशत फैलाने का प्रयास किया। इससे पहले एत्मादपुर क्षेत्र में तेंदुए के घूमने का फर्जी वीडियो वायरल किया गया था। उस वीडियो के चलते ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया था और वन विभाग ने भी तेंदुए को पकड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी। बाद में बारीकी से जांच करने पर वीडियो को फेक पाया गया।
खेरिया मोड़ पुल को लेकर फैलाई गई अफवाह के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर एआई से तैयार झूठे वीडियो न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और विश्वास को भी नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे मामलों में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी वीडियो या खबर को बिना सत्यापन के साझा न करें और संदिग्ध सामग्री की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। फर्जी खबरें फैलाने वालों पर आईटी एक्ट समेत अन्य सख्त धाराओं में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।