स्वच्छता सर्वेक्षण में आगरा की छलांग का राज कुबेरपुर मॉडल और आधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट
आगरा स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में आगरा को देश में दसवीं और यूपी में दूसरी रैंक मिलने से गदगद मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने कहा कि नगर निगम ने कचरा प्रबंधन में क्रांतिकारी परिवर्तन करते हुए अधिकांश डलावघरों को बंद कर उनकी जगह ट्रांसफर स्टेशनों की स्थापना की है। इन स्टेशनों पर कचरे को स्मार्ट तरीके से अलग-अलग कर पुनर्चक्रण के लिए भेजा जा रहा है। इससे जहां नगर की सड़कों से कूड़े के ढेर गायब हुए, वहीं स्वच्छता और पर्यावरण दोनों में सुधार आया है।
कुबेरपुर में वैज्ञानिक निस्तारण और हरियाली का संगम
मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने इसे आगरा के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर करीब 20 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया है। अब यह क्षेत्र हरियाली से आच्छादित हो गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों के स्वास्थ्य दोनों के लिए आदर्श बन चुका है।
राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सेनेटरी लैंडफिल तैयार
उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा कुबेरपुर में सेनेटरी लैंडफिल का विकास भी जारी है, जहां केवल गैर-रीसायकिल कचरे का सुरक्षित निस्तारण किया जाएगा। यह आधुनिक व्यवस्था न केवल जमीन की सेहत सुधारेगी, बल्कि भूजल व वायु प्रदूषण को भी रोकेगी।
15 एकड़ में फैला हरित क्षेत्र बना कुबेरपुर की पहचान
मेयर के अनुसार कुबेरपुर में 15 एकड़ भूमि पर विकसित हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) अब लैंडफिल साइट की सौंदर्यता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित कर रही है। यह क्षेत्र हरित घेराबंदी के साथ स्थानीय जलवायु और जैव विविधता को भी सहेज रहा है।
फाइव-आर सेंटर से महिलाओं को मिली पहचान
महापौर ने कहा कि नगर निगम ने शहर में रिफ्यूज, रिड्यूस, रीयूज, रिपेयर और रिसाइकिल यानी फाइव आर सिद्धांत पर आधारित फाइव आर सेंटर की स्थापना की है। इन केंद्रों से स्वयंसेवी संस्थाओं की महिलाओं को जोड़ा गया है, जिससे उन्हें रोज़गार और आत्मनिर्भरता दोनों का अवसर मिल रहा है।
प्लास्टिक कचरा बना उपयोगी वस्तुओं का आधार
प्लास्टिक अपशिष्ट से निपटने के लिए विशेष रिसाइक्लिंग प्लांट लगाया गया है जहां प्लास्टिक को साफ कर टुकड़ों में काटा जाता है और उपयोगी वस्तुएं बनाई जाती हैं। यह कदम प्लास्टिक प्रदूषण कम करने की दिशा में मील का पत्थर है।
150 टीडीपी प्लांट में मलबा बन रहा संसाधन
मेयर ने बताया कि निर्माण कार्यों से निकले मलबे को 150 टीडीपी प्लांट में रिसाइकल कर फिर से उपयोग लायक बनाया जा रहा है। इससे न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि कचरे की मात्रा में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट: कचरे से ऊर्जा की ओर
बकौल महापौर, आगरा नगर निगम का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, जिस पर तेजी से कार्य चल रहा है। यह प्रदेश का पहला ऐसा संयंत्र होगा जो कचरे से बिजली उत्पन्न करेगा। इससे शहर में ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ कचरे की समस्या का समाधान भी होगा।
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