ताज की सुरक्षा और कड़ी, युद्ध होने पर आपात स्थिति से निपटने का हुआ रिहर्सल
आगरा। भारत के ऑपरेशन सिन्दूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है। साथ ही आज शाम को युद्ध होने पर आपातस्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल किया गया।
जिसमें सिविल डिफेंस के अलावा पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, अग्निशमन आदि विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। साथ ही स्कूलों में भी बच्चों युद्ध के हालातों से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया।
ताजमहल की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने एएसआई के अधिकारियों से विचार विमर्श किया है। ताज को संवेदनशील जोन घोषित किया गया है। यहां सीआईएसएफ, ताज सुरक्षा पुलिस, पीएसी और स्थानीय पुलिस के जवान सुरक्षा में तैनात कर दिए गए हैं।
ताजमहल की बढ़ाई गई सुरक्षा
पाक से युद्ध की आशंका के चलते ताजमहल के शिल्पग्राम वीआईपी गेट की ओर जाने वाले मार्ग पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहनता से जांच की गई। एसीपी अरीब अहमद के अनुसार ताजमहल की सुरक्षा पहले से ही सतर्क रहती है, लेकिन मौजूदा हालातों को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरों से ताजमहल की निरंतर निगरानी की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए सुरक्षा कंट्रोल रूम में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। साथ ही पाकिस्तान से युद्ध होने पर ताज को ढकने पर भी मंथन किया जा रहा है।
आज शाम चार बजे से शहर में लगभग एक दर्जन स्थानों पर मॉक ड्रिल हुई। बल्केश्वर स्थित गणेशराम नागर बिद्यालय में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी को मौजूदगी में मॉक ड्रिल हुई। कैसे 15 मिनट में मौके पर पहुंचा जाए। बमवारी होने पर लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पहुंचाने। आग पर तुरंत नियंत्रण और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाने आदि का रिहर्सल किया गया।