आगरा के आवासीय इलाकों में चल रहे कारोबार पर संकट देख कमला नगर के व्यापारियों ने लगाई डिप्टी सीएम केशव मौर्य से गुहार, वैधता और राहत की मांग
आगरा। शहर के प्रमुख आवासीय क्षेत्र कमला नगर में संचालित छोटे व्यापारों पर मंडराते कार्रवाई के खतरे के बीच व्यापारियों ने राहत की गुहार लगाई है। बुधवार को कमला नगर व्यापार संगठन ने आगरा आगमन पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से सर्किट हाउस में मुलाकात कर अपनी समस्याओं को जोरदार तरीके से रखा और व्यवसाय को वैध करने की मांग उठाई।
यह प्रतिनिधिमंडल आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल के नेतृत्व में पहुंचा, जबकि संगठन के अध्यक्ष एवं मनोनीत पार्षद अमित अग्रवाल पारुल ने उपमुख्यमंत्री को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा और भाजपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता भी मौजूद रहे।
50 साल पुरानी योजना, बाजार नहीं बने
ज्ञापन में बताया गया कि करीब 45-50 वर्ष पूर्व आवास विकास परिषद द्वारा कमला नगर योजना विकसित की गई थी, लेकिन बढ़ती आबादी के अनुरूप बाजार विकसित नहीं किए गए। मजबूरी में लोगों ने अपने घरों से ही छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर दिए, जो आज क्षेत्र की जरूरत बन चुके हैं।
कार्रवाई का डर, व्यापारियों में आक्रोश
अमित अग्रवाल पारुल ने कहा कि वर्षों से चल रही इन गतिविधियों पर पहले कभी रोक नहीं लगी, लेकिन अब अचानक कार्रवाई की आशंका से व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि इन छोटे कारोबारों पर रोक लगी तो हजारों परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी।
व्यापारियों ने यह भी बताया कि ताजमहल के कारण लागू पर्यावरणीय प्रतिबंधों से शहर में नए उद्योग स्थापित करना आसान नहीं है। ऐसे में छोटे व्यवसाय ही रोजगार का प्रमुख साधन बने हुए हैं।
वैधता और सरल कंपाउंडिंग की मांग
संगठन ने मांग रखी कि आवासीय भूखंडों पर संचालित व्यवसायों को शुल्क लेकर नियमित किया जाए और कंपाउंडिंग प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। साथ ही नई भवन उपविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर क्षेत्रवार व्यावहारिक नियम लागू किए जाएं।
इस दौरान संगठन के महामंत्री पुनीत मदान, उपाध्यक्ष गवेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष उमेश अरोड़ा, विनय गुप्ता और नितिन मित्तल सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।