आगरा कॊलेज में संगोष्ठीः शिक्षा, तकनीक और नवाचार से बनेगा भारत का स्वर्णिम आर्थिक भविष्य
आगरा। आगरा कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग एवं उत्तर प्रदेश अर्थशास्त्र वाणिज्य संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की ऐतिहासिक यात्रा, वर्तमान स्वरूप और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए।
आगरा कॉलेज, आगरा के अर्थशास्त्र विभाग में हुई इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय था- भारतीय अर्थव्यवस्था : कल, आज और कल। संगोष्ठी का उद्घाटन श्रीमनःकामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी ने किया।
मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता प्रो. वी.वी. सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सदैव गतिशील रही है। स्वतंत्रता के पश्चात योजनाओं और सुधारों ने आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में भारत विश्व की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी है। यदि शिक्षा, तकनीक और नवाचार पर निरंतर बल दिया जाए, तो आने वाला कल स्वर्णिम होगा और भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. सी.के. गौतम ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का अध्ययन विद्यार्थियों को न केवल ज्ञान देता है बल्कि भविष्य की चुनौतियों से जूझने का साहस और राष्ट्रीय विकास के प्रति उत्तरदायित्व की भावना भी जागृत करता है। इस प्रकार की संगोष्ठियाँ विद्यार्थियों को नई दृष्टि प्रदान करती हैं।
इस अवसर पर प्रो. शरद भारद्वाज, प्रो. दीपा रावत (विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र), प्रो. जयश्री भारद्वाज, प्रो. सुनीता गुप्ता, डॉ. शैलेन्द्र एवं डॉ. अनूप ने भी अपने विचार व्यक्त किए। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनूप ने प्रस्तुत किया।
उत्तर प्रदेश अर्थशास्त्र वाणिज्य संगठन की समन्वयक प्रो. नीरजा माहेश्वरी ने अतिथियों का स्वागत किया और संगठन की गतिविधियों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुनीता गुप्ता और प्रो. जयश्री भारद्वाज ने किया।
संगोष्ठी में विभिन्न विभागों के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिनमें प्रो. विजय, प्रो. ममता (हिंदी विभाग), प्रो. संचिता, प्रो. निशा राठौर, प्रो. शांदा जार्फी, प्रो. रचना, प्रो. अंशु (मनोविज्ञान विभाग), प्रो. मनीषा दौहरे (कला विभाग), बी.डी. जैन, नरेश सूद (पूर्व गर्वनर, रोटरी क्लब) आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।