आगरा में सीनियर सिटीजन के खाते से 7.24 लाख की ऑनलाइन ठगी, दो दिन में खाली हुआ बैंक बैलेंस
आगरा। शहर में ऑनलाइन ठगी के मामलों का सिलसिला थम नहीं रहा है। ताजा मामला महारानी बाग कॉलोनी का है, जहां एक वरिष्ठ नागरिक महिला के बैंक खाते से ठगों ने 7.24 लाख रुपये उड़ा लिए। दो दिन में हुए इन ट्रांजेक्शनों ने परिजनों और बैंक कर्मचारियों को भी हैरान कर दिया।
पीड़िता अभिलाषा देवी महारानी बाग की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर को अचानक 3.63 लाख रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन उनके सेविंग अकाउंट से हुआ। परिजनों ने इसे बैंक की गलती समझा और अगले दिन बैंक जाने की तैयारी कर रहे थे कि 18 अक्टूबर को फिर 3.61 लाख रुपये की दूसरी बड़ी निकासी हो गई। दो दिन में खाते से कुल 7.24 लाख रुपये की रकम गायब हो गई।
खाते पर लगाया गया तत्काल होल्ड
जब परिवार ने बैंक से संपर्क किया, तो बैंक अधिकारियों ने तुरंत खाते पर होल्ड लगा दिया ताकि आगे कोई लेन-देन न हो सके। बैंक ने कहा कि सभी ट्रांजेक्शन ऑनलाइन पेमेंट लिंक और थर्ड पार्टी ऐप के माध्यम से किए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही बैंक ने साइबर हेल्पलाइन (1930) पर रिपोर्ट दर्ज कराई और पीड़िता को पुलिस में शिकायत देने की सलाह दी।
साइबर थाना में मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
साइबर क्राइम थाना, आगरा ने अभिलाषा देवी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह फिशिंग या रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन फ्रॉड का मामला हो सकता है, जिसमें ठग पहले मोबाइल या लैपटॉप में एक्सेस प्राप्त कर लेते हैं और फिर धीरे-धीरे खाते से रकम निकालते हैं। पुलिस ने बैंक से ट्रांजेक्शन की डिटेल्स और आईपी लोकेशन मांगी है।
पुलिस की एडवाइजरी
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लिंक या क्यूआर कोड पर क्लिक न करें और कस्टमर केयर या बैंक प्रतिनिधि बनकर कॉल करने वालों से सतर्क रहें। पुलिस ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से जागरूक रहना चाहिए। किसी भी वित्तीय लेनदेन के लिए केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें।
शहर में लगातार बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के मामले
आगरा में पिछले एक महीने में दर्जनों साइबर ठगी के केस दर्ज किए जा चुके हैं। ठग अब फर्जी बैंक लिंक, ऐप डाउनलोड और निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।