वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास का निधन, एक माह से चल रहा था इलाज
उदयपुर। भारतीय राजनीति की प्रखर आवाज़ और कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री गिरिजा व्यास अब इस दुनिया में नहीं रहीं। गुरुवार शाम 7.15 बजे अहमदाबाद के ज़ायडस अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। एक माह पूर्व उदयपुर स्थित आवास पर गणगौर पूजा के दौरान वह गंभीर रूप से झुलस गई थीं। करीब 95 प्रतिशत जलने के कारण उनकी स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई थी।
एक माह चला इलाज, फिर नहीं बच पाईं
गिरिजा व्यास के भाई गोपाल शर्मा ने बताया कि इलाज के दौरान शुरू से ही उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। पिछले दो-तीन दिनों से उनका ब्लड प्रेशर गिरने लगा था और गुरुवार शाम को निधन हो गया।
पूजा के दौरान हुई थी दुर्घटना
31 मार्च को सुबह 11 बजे गणगौर पूजा के समय गिरिजा व्यास आग की चपेट में आ गई थीं। झुलसने के बाद पहले उन्हें उदयपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर गंभीर स्थिति को देखते हुए अहमदाबाद रैफर किया गया था।
राजनीतिक जगत में शोक की लहर
गिरिजा व्यास के स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में लगातार चिंता बनी रही। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अस्पताल जाकर हालचाल लिया था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी गुजरात सरकार से संपर्क कर उच्चस्तरीय चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करवाई थी। उनके निधन पर प्रदेशभर के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।