आगरा में डिजिटल लूट का सनसनीखेज मामला, कार में बंधक बनाकर यूपीआई से उड़ाए पैसे

आगरा के थाना एकता क्षेत्र में दो युवकों सोनू और बलबीर को बकाया रकम लौटाने के बहाने बुलाकर आरोपी ने अपने 10 अज्ञात साथियों के साथ घेर लिया। दोनों के साथ मारपीट की गई, फिर उन्हें कार में बंधक बनाकर करीब 4 घंटे तक घुमाया गया। आरोप है कि इस दौरान उनके UPI खातों से रकम आरोपी के खाते में ट्रांसफर कराई गई। साथ ही सादे कागज पर हस्ताक्षर और कोई बकाया नहीं होने का वीडियो भी बनवाया गया। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Mar 21, 2026 - 16:49
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आगरा में डिजिटल लूट का सनसनीखेज मामला, कार में बंधक बनाकर यूपीआई से उड़ाए पैसे
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आगरा। थाना एकता क्षेत्र में अपराध का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें उधारी चुकाने का झांसा, मारपीट, अपहरणनुमा बंधक बनाना और डिजिटल पेमेंट के जरिए लूट, सब कुछ एक ही वारदात में शामिल है।

यह घटना सिर्फ दो युवकों से मारपीट तक सीमित नहीं रही, बल्कि आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें चलती कार में बंधक बनाकर चार घंटे तक शहरभर घुमाया और इस दौरान उनके यूपीआई खातों से रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली।

पीड़ितों के अनुसार, मनसुख पुरा क्षेत्र के रहने वाले सोनू और बलबीर को एक युवक ने बकाया रकम लौटाने के बहाने बुलाया था। दोनों को लगा कि पुराना हिसाब-किताब निपट जाएगा, लेकिन जैसे ही वे तय स्थान पर पहुंचे, वहां पहले से मौजूद आरोपी ने अपने करीब 10 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर दोनों को घेर लिया।

पहले मारपीट, फिर कार में बंधक

आरोप है कि बदमाशों ने दोनों युवकों के साथ जमकर मारपीट की। विरोध करने पर उन्हें जबरन एक कार में ठूंस दिया गया। इसके बाद दोनों को लगभग चार घंटे तक कार में बंधक बनाकर घुमाया गया, ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें और पूरी तरह दबाव में रहें।

डिजिटल पेमेंट बना नया हथियार

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपियों ने सिर्फ मारपीट या धमकी तक खुद को सीमित नहीं रखा। पीड़ितों का आरोप है कि दबाव और भय के माहौल में उनके यूपीआई खातों से रकम निकलवाकर आरोपी के खाते में ट्रांसफर कराई गई। यानी अब अपराधियों ने नकदी लूटने की जगह मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई को ही नया हथियार बना लिया है।

सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर, वीडियो से ‘क्लीन चिट’ की कोशिश

इतना ही नहीं, आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ितों से सादे कागज पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। साथ ही उनसे वीडियो बनवाया गया, जिसमें यह कहलवाया गया कि उनका किसी पर कोई बकाया नहीं है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस तरह के वीडियो और साइन भविष्य में कानूनी बचाव या दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जांच शुरू

घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। थाना एकता पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और यूपीआई ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

आगरा में अपराध का नया पैटर्न?

यह मामला इस बात का संकेत भी देता है कि अपराधी अब पारंपरिक लूट से आगे बढ़कर डिजिटल जबरन वसूली की ओर बढ़ रहे हैं। किसी को बहाने से बुलाना, मारपीट कर बंधक बनाना, फिर मोबाइल से बैंकिंग ऐप खुलवाकर रकम ट्रांसफर कराना, यह पैटर्न बेहद खतरनाक है और पुलिस के लिए भी नई चुनौती बनता जा रहा है।