हत्या के प्रयास के दो आरोपियों को सात वर्ष की कैद
आगरा। मुकदमा वापस लेने से इंकार करने पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपित भोला एवं बाबूलाल को दोषी पाते हुये अपर जिला जज-21 विराट कुमार श्रीवास्तव ने सात वर्ष कैद एवं चालीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
-40 हजार का अर्थ दंड भी लगा, मुकद्मा वापस लेने से इंकार पर किया था हमला
थाना बरहन में दर्ज मामले के अनुसार वादी मुकदमा शिशुपाल सिंह पुत्र घनश्याम सिंह निवासी ग्राम चमरौला, थाना बरहन ने आरोप लगाया कि 15 जुलाई 2015 की शाम साढ़े पांच बजे उसके गांव के भोला पुत्र रामबाबू निवासी चमरौला, थाना बरहन एवं उसके मित्र बाबूलाल पुत्र बेनी राम निवासी ग्राम सुजानपुर थाना बरहन ने वादी के आवास पर आकर उसके छोटे भाई मुकेश द्वारा उनके ऊपर दर्ज कराए मुकदमे को वापस लेने का दबाब डाल।
मुकदमा वापस लेने से इंकार करने पर आरोपियों ने वादी के भाई को जान से मारने की धमकी दी और मारपीट शुरू कर दी। कमर में लगे तमंचे निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर वादी के भाई को गम्भीर रूप से घायल कर दिया। गोलियों की आवाज एवं भाई की चीख पुकार सुन वादी एवं अन्य गांव वालों के मौके पर एकत्र होने पर आरोपी तमंचे लहराते हुये फरार हो गये।
मुकदमे के विचारण के दौरान एडीजीसी योगेश बघेल ने वादी मुकदमा शिशुपाल, उसके घायल हुए भाई मुकेश सहित 14 गवाह अदालत में पेश किये।
अपर जिला जज 21 विराट कुमार श्रीवास्तव ने पत्रावली पर उपलब्ध सबूत एवं एडीजीसी योगेश बघेल के तर्क पर दोनों आरोपियों को सात वर्ष कैद एवं चालीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।