पहलगाम हमले में हमास की परछांई: पाक में कई महीने रुके थे तीन कमांडर
नई दिल्ली। पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में हमास की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि हमले से कई महीने पहले से हमास के तीन शीर्ष कमांडर, खालिद कद्दूमी, नाजी जहीर और मुफ्ती आजम पाकिस्तान में सक्रिय थे और वहां से साजिश की बुनियाद रखी गई थी।
इन कमांडरों के जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और लश्कर-ए-मुस्तफा जैसे कुख्यात आतंकी संगठनों के संपर्क में रहने की जानकारी हुई है। 6 फरवरी को पाक अधिकृत कश्मीर के रावलकोट में आयोजित एक भारत विरोधी रैली, जो "कश्मीर सॉलिडेरिटी एंड हमास ऑपरेशन" के नाम से आयोजित हुई थी, उसमें भी इनकी मौजूदगी देखी गई थी।
इस रैली में मसूद अजहर का भाई तल्हा सैफ, जैश कमांडर असगर खान और मसूद इलियास जैसे खूंखार चेहरे भी शामिल थे। रैली के बाद खालिद कद्दूमी पीओके में ही कुछ दिन रुका और इस दौरान उसकी लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह से कई बार मुलाकात हुई, जिस पर पहलगाम हमले की साजिश रचने का आरोप है।
सूत्र बताते हैं कि पहलगाम का हमला हमास की पारंपरिक रणनीति और हमले के तरीकों से मेल खाता है। एनआईए की शुरुआती जांच में भी हमले में हमास की भूमिका की तरफ इशारा मिला है। ऐसे में आतंकी हमले का अंतरराष्ट्रीय आयाम सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।