‘विषकन्या’ का साया: हनीट्रैप से घबराया चीन, रक्षा अधिकारियों को सख्त चेतावनी

बीजिंग। चीन में रक्षा और टेक्नोलॉजी से जुड़े अधिकारियों के हनीट्रैप में फंसने के बढ़ते मामलों ने सरकार की नींद उड़ा दी है। विदेशी खुफिया एजेंसियों द्वारा अपनाई जा रही ‘विषकन्या’ रणनीति से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा देखते हुए चीनी सरकार ने सेना और संवेदनशील क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों को सतर्क रहने की सख्त चेतावनी जारी की है। एक हालिया मामले में विदेश यात्रा के दौरान एक सरकारी अधिकारी को ब्लैकमेल कर उससे गोपनीय जानकारियां निकलवाए जाने के बाद यह चिंता और गहरा गई है।

Jan 16, 2026 - 22:18
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‘विषकन्या’ का साया: हनीट्रैप से घबराया चीन, रक्षा अधिकारियों को सख्त चेतावनी

फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ स्टेट सीक्रेट्स प्रोटेक्शन ने इस विषय पर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विस्तृत लेख प्रकाशित किया है। इसमें बताया गया है कि किस तरह विदेशी खुफिया एजेंसियां सुनियोजित तरीके से आकर्षक और प्रशिक्षित महिलाओं के जरिए चीनी सैन्य कर्मियों और अधिकारियों को जाल में फंसाती हैं।

गुओ का मामला: हनीट्रैप की पूरी कहानी

लेख में गुओ नामक एक व्यक्ति का उदाहरण दिया गया है, जो एक मेनलैंड मिलिट्री कंपनी में कार्यरत था। गुओ एक विदेशी शहर में प्रोजेक्ट से जुड़ी यात्रा पर गया था, जहां उसकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई जिसने खुद को बिजनेस प्रतिनिधि बताया। बाद में योजनाबद्ध सामाजिक मेलजोल के जरिए गुओ को एक महिला जासूस के करीब लाया गया।

शुरुआत में यह सब सामान्य संयोग जैसा लगा, लेकिन वास्तव में यह एक विदेशी इंटेलिजेंस एजेंसी का बिछाया गया हनीट्रैप था। महिला जासूस के साथ शारीरिक संबंध बनने के बाद गुओ को ब्लैकमेल किया गया और गोपनीय जानकारियां देने के लिए मजबूर किया गया।

सेना और इंटेलिजेंस के राज हुए लीक

ब्लैकमेल के दबाव में गुओ ने न केवल सहयोग किया, बल्कि चेन नामक एक टेक्निकल एक्सपर्ट और ली नाम के एक स्टाफ मेंबर को भी इस नेटवर्क से जोड़ दिया गया। विदेशी एजेंसी ने इन तीनों से सेना और इंटेलिजेंस से जुड़ी अहम जानकारियां हासिल कीं। गुओ ने इंटेलिजेंस एक्सचेंज के दौरान ऑन-साइट इंटरप्रेटर की भूमिका भी निभाई।

सुरक्षा तंत्र मजबूत करने की सिफारिश

आर्टिकल में ऐसे मामलों से बचने के लिए इंटरनल सिक्योरिटी मैनेजमेंट को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसमें विदेश यात्रा करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए फुल साइकिल मैनेजमेंट फ्रेमवर्क लागू करने का प्रस्ताव है, जिसमें यात्रा से पहले सुरक्षा समीक्षा, विदेश में सक्रिय निगरानी और लौटने के बाद निरंतर ऑब्जर्वेशन जैसे कदम शामिल हैं।

अनिवार्य खुलासे और जागरूकता पर जोर

लेख में लंबे समय तक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य खुलासा नीति अपनाने की सिफारिश की गई है, जिसके तहत कर्मचारियों को अपने सभी विदेशी संपर्कों की घोषणा करनी होगी। साथ ही विदेश जाने वाले अधिकारियों की राजनीतिक समझ और सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी विशेष बल दिया गया है।

SP_Singh AURGURU Editor