शंकराचार्य विवादः अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने सीएम योगी के सम्मान में दिया इस्तीफा, बोले- मुख्यमंत्री प्रदेश के मुखिया, उनका अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता

अयोध्या। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों के विरोध में अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह इस्तीफा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन और संवैधानिक पद की गरिमा की रक्षा के नाम पर दिया गया है। हालांकि फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है, लेकिन प्रशांत कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध लगातार जारी रहेगा।

Jan 27, 2026 - 15:39
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शंकराचार्य विवादः अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने सीएम योगी के सम्मान में दिया इस्तीफा, बोले- मुख्यमंत्री प्रदेश के मुखिया, उनका अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सम्मान में दिये गये इस्तीफे की कॊपी दिखाते अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह।

मुख्यमंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं

डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि वे पिछले दो दिनों से गहरे मानसिक तनाव में थे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मैं सरकारी आदमी हूं, यूपी कर्मचारी नियमावली से बंधा हूं। चाहे मेरा परिवार किसी भी स्थिति में आ जाए, लेकिन मुख्यमंत्री के सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से मैं समझौता नहीं कर सकता।

उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुखिया हैं, और प्रदेश के वेतन से उनका परिवार चलता है। जिस प्रदेश का नमक-रोटी खाता हूं, उसी प्रदेश के मुखिया पर अगर असंसदीय शब्दों का प्रयोग होगा तो मुझे पीड़ा होगी। मेरे अंदर भी दिल और संवेदना है।

राज्यपाल को भेजा इस्तीफा

प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि वे दो दिनों से इस पीड़ा को सहन नहीं कर पा रहे थे, इसलिए उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेज दिया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं होता, वे अपने सभी शासकीय दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे। इस्तीफा मंजूर होने के बाद समाजहित में कार्य करने की प्रतिबद्धता भी उन्होंने जताई।

विरोध का भी संवैधानिक तरीका होता है

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि संविधान में विरोध दर्ज कराने के स्पष्ट और मर्यादित तरीके हैं। ठेला-गाड़ी पर बैठकर मुख्यमंत्री को उल्टा-सीधा कहना न तो सभ्य समाज का तरीका है और न ही संवैधानिक। उन्होंने मुख्यमंत्री को अन्नदाता और प्रदेश का नेतृत्वकर्ता  बताते हुए कहा कि समाज को ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए जो गलत माहौल बनाकर समाज को बांटने का काम करते हैं।

अफसरों के इस्तीफों की कड़ी

उल्लेखनीय है कि इससे पहले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में अपने पद और नौकरी से इस्तीफा देने की घोषणा की थी।
अब अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में दिया गया इस्तीफा इस पूरे विवाद को और तीखा बना रहा है।
एक तरफ शंकराचार्य के समर्थन में खड़े अधिकारी हैं, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री के सम्मान की रक्षा में इस्तीफा देने वाला यह कदम प्रशासनिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor