शरद पूर्णिमा पर भक्ति और आनंद का संगम: प्रेमनिधि मंदिर में दिव्य दर्शन, बालूगंज में देवी जागरण
आगरा। शरद पूर्णिमा की पावन रात्रि पर सोमवार को ताजनगरी भक्ति, माधुर्य और दिव्यता से सराबोर रही। मंदिरों में दीपों की पंक्तियां झिलमिलाईं और भक्ति के स्वर गूंजे, तो हर दिशा में एक ही भावना प्रवाहित हुई- सेवा, श्रद्धा और समर्पण की।
श्री प्रेमनिधि मंदिर में ठाकुर श्याम बिहारी जी के श्वेत श्रृंगार के दर्शन
नाई की मंडी स्थित पुष्टिमार्गीय श्री प्रेमनिधि जी मंदिर में शरद पूर्णिमा का उत्सव अत्यंत हर्ष और उल्लास से मनाया गया। मंदिर परिसर को श्वेत पुष्पों, दीपों और भक्ति भाव से सुसज्जित किया गया था। ठाकुर श्याम बिहारी जी का श्वेत वस्त्रों और रजताभ आभूषणों से अलौकिक श्रृंगार किया गया। मुरली धारण किए ठाकुर जी के दर्शन से भक्तों में उल्लास की लहर दौड़ गई।
रात्रि में रासलीला और पुष्टिमार्गीय पदगान की गूंज ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया। चांदनी की उजास में दीपों की झिलमिलाहट और भजनों की मधुर धारा में भक्त रसमयी माधुर्य में डूब गए।
मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी एवं सुनीत गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्गीय परंपरा में शरद पूर्णिमा ‘महारास महोत्सव’ के रूप में मनाई जाती है। यह वह रात्रि है जब श्रीकृष्ण अपने परमात्म स्वरूप का दर्शन कराते हैं और प्रत्येक गोपी के साथ अलग-अलग रूप में रास रचाकर अपनी ‘एक से अनेक’ होने की दिव्य शक्ति का प्रमाण देते हैं। उत्सव के समापन पर भोग-आरती और खीर का महाप्रसाद वितरण हुआ।
बालूगंज में 50वां देवी जागरण और भंडारा

बालूगंज में आयोजित देवी जागरण में मौजूद भक्तगण।
बालूगंज बाजार कमेटी द्वारा 50वां विशाल जागरण एवं भंडारा अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। मां की ज्योत प्रज्ज्वलन के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम में भक्तों ने माता रानी के भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
हजारों श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया और जय माता दी के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। आयोजन स्थल पर आकर्षक सजावट, झंडी पूजन और विशेष आरती ने माहौल को दिव्यता से भर दिया।
इस अवसर पर रुपाली दीक्षित, चांदनी भोजवानी, रिंकू दीक्षित, श्याम भोजवानी और मुकेश खंडेलवाल ने सभी भक्तों को शुभकामनाएं दीं और कमेटी के इस पावन आयोजन की सराहना की।
अंत में मां भगवती की आरती के साथ भक्तों ने एकता, श्रद्धा और सेवा भाव का संकल्प दोहराया। बालूगंज बाजार कमेटी ने संदेश दिया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे ताकि समाज में भक्ति और सद्भाव की भावना और गहरी हो।